कश्मीर पर पाक के विश्लेषकों में संदेह, मीडिया वार्ता को लेकर सकारात्मक
इस्लामाबाद, 21 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्रों और रणनीतिक विश्लेषकों ने दोनों देशों के बीच शुरू हुई वार्ता के प्रति सकारात्मक और आशावादी नजरिया प्रदर्शित किया है, लेकिन कश्मीर के जटिल मुद्दे पर किसी प्रकार की प्रगति की संभावना से इंकार किया है।
इस्लामाबाद, 21 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के दैनिक समाचार पत्रों और रणनीतिक विश्लेषकों ने दोनों देशों के बीच शुरू हुई वार्ता के प्रति सकारात्मक और आशावादी नजरिया प्रदर्शित किया है, लेकिन कश्मीर के जटिल मुद्दे पर किसी प्रकार की प्रगति की संभावना से इंकार किया है।
कुछ पाकिस्तान विश्लेषकों ने कहा है कि भारत कश्मीर के निर्णायक मुद्दे को किनारे करके सीमा पार से विश्वास बहाली के उपायों और व्यापार को बढ़ाने पर अधिक जोर दे रहा है।
पाकिस्तान की मशहूर रणनीतिक विश्लेषक शीरीन माजारी ने आईएएनएस से कहा, "पाकिस्तान में भारत के साथ शांति प्रक्रिया आगे बढ़ाने को लेकर व्यापक सहमति है, लेकिन भारत में होने वाले किसी भी आतंकवादी हमले के साथ ही इसमें बाधा आने की आशंका बनी रहती है।"
उन्होंने भारतीय विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी के उस बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में एकजुट होना चाहिए और भविष्य में दोनों देशों के संबंध आतंकवाद और हिंसामुक्त वातावरण पर ही निर्भर करेंगे।
माजारी ने दोनों देशों के द्वारा कैदियों के मामले को मानवीय आधार पर हल करने के प्रयास की सराहना की।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद और मशहूर स्तंभकार अयाज अमीर ने कहा कि शांति वार्ता में कोई खास प्रगति नहीं हो रही है। राष्ट्रपति मुशर्रफ ने एक तरफा रूप से जो भी प्रयास किए हैं, भारत ने उसका समुचित जवाब नहीं दिया है।
बहरहाल पाकिस्तान के बड़े अखबारों ने पिछले साल राजनैतिक उथल पुथल के कारण धीमी हुई शांति वार्ता के प्रति सकारात्मक नजरिया प्रदर्शित किया है।
एक प्रमुख अखबार ने दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच वार्ता को एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताते हुए भारत द्वारा कश्मीर के महत्वपूर्ण मुद्दे को दरकिनार किए जाने की आलोचना की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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