ज्योतिषियों का दावा, नेपाल में लौटेगी राजशाही
काठमांडू, 18 मई (आईएएनएस)। नेपाल में राजशाही समाप्त होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई हो और भले ही राजा ज्ञानेंद्र को अगले दस दिनों के अंदर अपनी गद्दी छोड़नी पड़े और राजमहल खाली करना पड़े लेकिन भविष्यवक्ताओं की माने तो इससे नेपाल में राजशाही हमेशा के लिए खत्म नहीं होगी।
काठमांडू, 18 मई (आईएएनएस)। नेपाल में राजशाही समाप्त होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई हो और भले ही राजा ज्ञानेंद्र को अगले दस दिनों के अंदर अपनी गद्दी छोड़नी पड़े और राजमहल खाली करना पड़े लेकिन भविष्यवक्ताओं की माने तो इससे नेपाल में राजशाही हमेशा के लिए खत्म नहीं होगी।
नेपाली भविष्यवक्ताओं का अनुमान है कि 28 मई को होने वाली नवगठित संविधान सभा की बहुप्रतीक्षित पहली बैठक के बाद भी 239 साल पुरानी राजशाही का खात्मा नहीं होने वाला है।
स्वामी ध्रुव नाम के एक भविष्यवक्ता का कहना है, "ग्रहों व नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार नरेश ज्ञानेन्द्र का पौत्र हृदयेंद्र जब 13 वर्ष का हो जाएगा तो परिस्थितियां उसे गद्दी तक पहुंचा देंगी।" हृदयेंद्र जुलाई में छह वर्ष का हो जाएगा।
उनके मुताबिक हृदयेंद्र के 2015 में अवयस्क नरेश बनने की संभावना है। जबकि वर्ष 2010 तक राजा ज्ञानेंद्र की खराब किस्मत उनका पीछा नहीं छोड़ेगी। वह इस दौरान न तो सम्मान की जिंदगी जी पाएंगे और न ही पूर्व की भांति सरकार और सेना को अपनी मुठ्ठी में रख पाएंगे।
उनके मुताबिक माओवादी भले ही नेपाल नरेश को नारायणहीति राजमहल खाली करने के लिए बाध्य करेंगे लेकिन इसके बावजूद वह भवन में बने रहेंगे।
वरिष्ठ भविष्यवक्ता धर्मराज रेगमी के मुताबिक ज्ञानेंद्र को अभी और 15 दिन अपने ग्रह-नक्षत्रों से संघर्ष करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि 3 जून के बाद ज्ञानेन्द्र की किस्मत बदलेगी और वर्ष 2011 तक नेपाल में शांति व व्यवस्था पूरी तरह कायम होगी।
धार्मिक विद्वानों व भविष्यवक्ताओं की समिति के अध्यक्ष डॉ. माधव भट्टराई का भी यही कहना है कि समय के साथ ज्ञानेन्द्र के ग्रह नक्षत्रों की दशा और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि ज्ञानेंद्र के दुश्मनों के ग्रह नक्षत्र कितने मजबूत हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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