हिलेरी की पौत्री भी एवरेस्ट फतह की तैयारी में
काठमांडू , 18 मई (आईएएनएस)। पांच दशक पहले तेनजिंग नोर्गे के साथ सबसे पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करने वाले सर एडमंड हिलेरी की पौत्री एमिलिया रोज हिलेरी ने भी एवरेस्ट पर चढ़ने का निश्चय किया है।
काठमांडू , 18 मई (आईएएनएस)। पांच दशक पहले तेनजिंग नोर्गे के साथ सबसे पहले दुनिया की सबसे ऊंची चोटी फतह करने वाले सर एडमंड हिलेरी की पौत्री एमिलिया रोज हिलेरी ने भी एवरेस्ट पर चढ़ने का निश्चय किया है।
गौरतलब है कि सर एडमंड के पुत्र पीटर हिलेरी ने भी 8,848 मीटर ऊंचे शिखर पर चढ़ाई पूरी की थी। अब हिलेरी परिवार की तीसरी पीढ़ी ने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर को जीतने का निश्चय किया है।
18 वर्षीय एमिलिया रोज हिलेरी ने कहा, "इस प्रयास में जान का जोखिम है लेकिन एवरेस्ट पर चढ़ना मेरा सपना है।"
एमिलिया इस समय नेपाल में अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए आई हुई हैं।
एवरेस्ट पर 29 मई 1953 में पहली बार सफल चढ़ाई के बाद सर हिलेरी नियमित रूप से कुछ महीनों के लिए नेपाल आते थे। सर हिलेरी ने नेपाल के उत्तरी जिले सोलुखुंबू में शेरपा समुदाय के लिए कुछ स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया था।
उनकी मृत्यु के बाद यह आशंका उत्पन्न हो गई थी कि हिमालयन ट्रस्ट का काम निरंतर चलता रहेगा या नहीं। एमिलिया ने कहा कि हिलेरी द्वारा स्थापित ट्रस्ट का काम निरंतर जारी रहना चाहिए।
एमिलिया को 2003 में एवरेस्ट फतह के स्वर्ण जयंती समारोह के दौरान नेपाल की मानद नागरिकता दी गई थी।
नेपाल सरकार ने घोषणा है कि वह पहली बार एवरेस्ट पर चढ़ाई संपन्न होने के दिन 29 मई को एवरेस्ट दिवस घोषित करने पर विचार कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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