15 सितंबर 1912 को जन्मे रूसी करंजिया भारतीय पत्रकारिता में एक
बेबाक संपादक के रूप में जाने जाते थे1 संयोग है कि ब्लिट्ज का पहलाअंक बाजार में 1941 में आज ही के दिन यानी 1 फरवरी 1941 कोबाजार में आया था1 ब्लिट्ज शुरू करने से पूर्व श्री करंजिया टाइम्स ऑफइंडिया में सहायक संपादक थे
खोजी पत्रकारिता के पैरोकार ब्लिट्ज ने भारतीय पत्रकारिता की धारामोड़ दी और मुंबई के चर्चित नानावटी हत्याकांड से लेकर कईप्रकरणों में ब्लिट्ज की कवरेज ऐसी व्यापक होती थी कि लोग ब्लिट्जके स्टॉल पर आने का इंतजार करते थे
महेश त्रिपाठी 1724 .वार्ता.












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