एफ डी आई नीति को अधिक उदार बनाने का विरोध करेंगे..वामपंथी
नयी दिल्ली 31 जनवरी.वार्ता. उपभोक्ता वस्तुओं के विनिमय तथा मालवाहक एयरलाइन सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण तथा संवेदशील क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश .एफ डी आई . की नीति के और उदारीकरण की दिशा में कदम आगे न बढाने की चेतावनी देते हुये वामपंथी पार्टियों ने केन्द्र को आगाह किया है ् कि देश की अर्थव्यवस्था के लिये इसके विनाशकारी नतीजे होंगे
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव ए बी बद्धर््रन तथा माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो ने आज यहां एफ डी आई नीति के संबंध में केन्द्रीय मंत्रिमंडल के कल के फैसलों की वाम समर्थित साा न्यूनतम कार्यक्रम सीएमपी. की वचनबद्धताओं के प्रतिकूल बताते हुये सरकार से इन पर पुनर्विचार की भी मांग की
कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे दोनों प्रमुख दलों ने खासकर उपभोक्ता वस्तुओं के विनिमय में 49 प्रतिशत तक एफडीआई तथा विदेशी संस्थागत निवेश .एफआईआई. की अनुमति देने पर सरकार को आडे हाथों लेते हुए कहा कि इससे मंहगाई की मार और गहरी होगी1 श्री बद्धर््रन ने कहा कि वायदा कारोबार की अनुमति के नतीजे में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी बढोत्तरी देखने के बावजूद सरकार ने सुधार के कदम उठाने की बजाय .एक खतरनाक रास्ता चुका है
भाकपा के प्रमुख नेता एवं राष्ट्रीय सचिव शमीम फैजी ने टाइटेनियम के खनन में शत प्रतिशत एफ डी आई की अनुमति देने और पेट्रोलियम शोधन .मालवाहक एयरलाइनों तथा माल लदान.उतरान जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में एफ डी आई की सीमा बढाने का भी कडा विरोध किया
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राजेश.समरेन्द्रप्रभु 1906वार्ता












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