श्रमिक संगठनों से असंगठित मजदूर विधेयक पर आपत्तियां मांगी
नयी दिल्ली16 अक्टूबर. वार्ता. श्रम मंत्रालय की संसद की स्थाई समिति ने केंद्रीय श्रमिक संगठनों से संसद में पेश असंगठित मजदूर विधेयक पर अपनी आपत्तियों को लिखित तौर पर देने को कहा है
स्थाई समिति की आज यहां हुई बैठक में इन संगठनों ने इस विधेयक को पूरी तरह नकारते हुए नये सिरे से विधेयक लाने की मांग की1 सूत्रों ने बताया कि समिति ने नियोक्ताओं . स्वयंसेवी संगठनों और राज्य सरकारों से भी लिखित तौर पर राय मांगने का निर्णय लिया है
समिति ने उद्यमियों के प्रतिनिधियों को 25 अक्टूबर को बुलाया है1 इस विधेयक को संसद के वर्षाकालीन सत्र के अंतिम दिन पेश किया गया था
समिति की पहली बैठक में श्रमिक नेताओं ने कहा कि सरकार को मौजूदा विधेयक वापस ले लेना चाहिये और उसके स्थान पर अर्जुन सेन गुप्ता समिति की सिफारिशों के अनुरूप खेतिहर और गैर खेतिहर मजदूरों के लिये दो अलग विधेयक लाने चाहिये1 उन्होंने श्रमिक संगठनों से सलाह किये बगैर इस विधेयक को संसद में पेश किये जाने की भी कडी निंदा की
सूत्रों के अनुसार श्रमिक नेताओं का कहना था कि राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना को पांच वर्ष में पूरे देश में लागू करने का वादा किया गया हैऔर वे चाहते हैं कि असंगठित मजदूरों के मामले में भी ऐसा ही किया जाए1 उन्होंने मौजूदा विधेयक को अव्यावहारिक बताया और आशंका जताई कि इसमें जो प्रावधान किये गये हैं उससे साफ है कि इसका हश्र भी पुरानी योजनाओं की तरह होगा और असंगठित मजदूरों को कुछ भी हाथ नही लगेगा
उपाध्याय.सत्या.अजय नंद191
वार्ता












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