पीयूडीएल का मारूति पर मजऊर अधिकारों के हनन का आरोप

नयी दिल्ली16 अक्टूबर.वार्ता.गैर सरकारी संगठन पीपुल्स यूनियन फ्ार डेमोक्रेटिक राइटस..पीयूडीएल.. ने मारूति उद्योग लिमिटेड..एमयूएल.. पर अपने मजदूरों के अधिकारों का हनन करने का आरोप लगाया है

पीयूडीएल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि मारूति प्रबंधन ने गैरकानूनी ढंग से अक्टूबर 2000 में तालाबंदी के दौरान 24 मजदूरों को बिना कोई आरोप पत्र दिए और बिना किसी जांच के बर्खास्त कर दिया1इन मजदूरों ने प्रोत्साहन भत्ता कम किए जाने का विरोध किया था

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में अभी तक हायर एंड फ्ायर की नीति को कानूनी मान्यता प्राप्त नहीं हुई है लेकिन एमयूएल में स्वैच्छिक सेवानिवृति योजना..वीआरएस..के नाम पर मनमाने ढंग से अनचाहे स्थायी कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है और 2001 और 2003 में दो चरणों में लाई गई वीआरएस के तहत अब तक 2300 पक्के कर्मचारियों को नौकरी से हाथ धोना पडा है और उनके स्थान पर अस्थायी कर्मचारियों को रखा जा रहा है

रिपोर्ट में कहा गया है कि वीआरएस के जरिए कंपनी वर्ष दर वर्ष अपने वेतन मद में खर्च की कटौती करती जा रही है और उसका मुनाफ्ा बढ रहा है1पीयूडीएल का आरोप है कि कंपनी ने वीआरएस की योग्यता शतो का भी उल्लंघन किया और कई ऐसे मजदूरों को सेवानिवृति दे दी गई जो 40 साल से कम उम्र के थे और जिनका सेवा काल 15 वषो से कम था

पीयूडीएल ने मांग की है कि जांच के बिना और जांच के आधार पर बर्खास्त किए गए मजदूरों को काम पर लिया जाए और मारूति की वीआरएस योजना की खामियों क ी जाचं कराई जाए

पुनीत.कैलाश नंद194

वार्ता

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