उच्चतम न्यायालय ने कहा गैर जमानती वारंट जारी करने में सावधानी बरते
नयी दिल्ली 14 अक्तूबर .वार्ता .उच्चतम न्यायालय ने देश की अदालतों को निर्देश दिया है कि वे किसी व्यक्ति के खिलाफ गैर जमानती वारंट बाध्यकारी परिस्थतियों में उसी समय जारी करें जब वे पूरी तरह आश्वस्त हों कि आरोपी जानबूकर अदालत में पेश नहीं हो रहा है 1 मुख्य न्यायाधीश के जी बालाकृष्णन .न्यायमूर्ति आर वी रवीन्द्रन और न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी की पीठ ने अपने फैसले में कहा कि यदि अदालत को लगता है कि सिर्फ समन भेजने से आरोपी अदालत में पेश हो जाएगा तो गैर जमानती वारंट की जगह समन या जमानती वारंट जारी किया जाना चाहिए 1न्यायालय ने कहा कि तथ्यों का विश्लेषण करके तथा पूरी तरह जांच परख करने के बाद ही वारंट जारी किया जाना चाहिए फिर चाहे वह जमानती हो या गैर जमानती क्योंकि वारंट जारी करने के गंभीर परिणाम होते हैं
न्यायालय ने कहा .. अदालतों को इस बात की सावधानी से जांच करनी चाहिए कि प्राथमिकी की आपराधिक शिकायत किसी परोक्ष मंशा से तो नहीं की गयी है 1व्यक्तिगत स्वतंत्रता काफी अहम है .इसलिए हम अदालतों को आगाह करते हैं कि वे गैर जमानती वारंट जारी करने में सावधानी बरतें 1..न्यायालय ने यह व्यवस्था सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा के पदाधिकारियों की अपील का निपटारा करते हुए दिया 1 नीलिमा . अजय प्रेम .2022जारी .वार्ता












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