Teachers day 2024: वो IAS अफसर, जो नौकरी छोड़ बने टीचर, जानिए कौन हैं धांसू जिगरा रखने वाले ये 3 शख्स?
Teachers day 2024 IAS Story: लाखों का पैकेज छोड़कर आईएएस अफसर बन जाने की सक्सेस स्टोरी तो आपने खूब सुनी और पढ़ी होगी, मगर शिक्षक दिवस 2024 के मौके पर जानिए ऐसे तीन शख्स के बारे में, जो कभी यूपीएससी क्रैक करके IAS समेत अन्य सेवाओं के अफसर हुआ करते थे और आज शिक्षक बनकर पढ़ा रहे हैं।
कहते हैं कि आईएएस जैसे टॉप लेवल की नौकरी छोड़ने के लिए जबरदस्त जिगरा चाहिए। ऐसा जिगरा रोहित सैनी, गौरव कौशल और विकास दिव्यकीर्ति ने दिखाया। तीनों ही यूपीएससी पास करने के बाद कुछ समय तक सेवाएं दी और फिर नौकरी छोड़ दी। रोमन सैनी आईएएस थे जबकि गौरव कौशल और विकास दिव्यकीर्ति को अन्य सर्विस कैडर मिला था।

Roman Saini ने दोस्त के साथ मिलकर शुरू की Unacademy
- राजस्थान में जयपुर के पास कोटपूतली के गांव रायकरणपुरा के रहने वाले रोमन सैनी का जन्म 27 जुलाई 1991 को हुआ था।
- महज 16 साल की उम्र में एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का टेस्ट पास करने के बाद दाखिला लेकर ये डॉक्टर बन गए थे।

- रोमन सैनी यूपीएससी 2013 में 18वीं रैंक पाकर आईएएस बने। ट्रेनिंग के बाद मध्य प्रदेश कैडर में जबलपुर में सहायक कलेक्टर के पद पर ज्वाइन किया।
- रोमन सैनी ने आईएएस छोड़कर दिसम्बर 2015 में अपने दोस्त गौरव मुंजाल व हिमेश सिंह के साथ मिलकर अनएकेडमी की नींव रखी।
- ऑनलाइन कोचिंग संस्थान अनएकेडमी से तक हजारों युवा यूपीएससी की तैयारी करके रोमन सैनी की तरह आईएएस, आईपीएस व सर्विस कैडर अन्य में अफसर बन गए।
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गौरव कौशल ने शुरू किया यूट्यूब चैनल
- हरियाणा के पंचकूला के रहने वाले गौरव कौशल भी रोमन सैनी वाली राह पर चले।
- गौरव कौशल ने साल 2012 में यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा पास की थी।
- अखिल भारतीय स्तर पर 38वीं रैंक हासिल करने वाले गौरव कौशल यूपीएससी की ग्रुप A की सर्विस भारतीय रक्षा सम्पदा सेवा (Indian Defence Estates Service ) के अधिकारी बने।
- IDES के रूप में गौरव कौशल की पहली पोस्टिंग हिमाचल प्रदेश के कसौली में सीईओ (रक्षा मंत्रालय) के पद पर हुई।
- साल 2023 में गौरव कौशल ने नौकरी छोड़ने कर Unacademy जैसा एजुकेशन प्लेटफॉर्म शुरू कर लिया। ये यूट्यूब पर क्लासें लेते हैं।
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विकास दिव्यकीर्ति ने खोली कोचिंग संस्थान 'दृष्टि आईएएस'
- विकास दिव्यकीर्ति देश के जाने-माने शिक्षकों में से एक हैं। इनकी कोचिंग संस्थान 'दृष्टि आईएएस' यूपीएससी की तैयारी करवाती है।
- 23 साल की उम्र में इन्होंने पहली बार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 1996 में भाग्य आजमाया था।
- अखिल भारतीय स्तर पर 384वीं रैंक पाकर होम मिनस्टिरी कैडर में केंद्रीय सचिवालय सेवा (CSS) में नौकरी पाई।
- आठ माह बाद इस्तीफा दे दिया। विकास दिव्यकीति आईएएस नहीं बन पाए थे। हालांकि दृष्टि आईएएस कोचिंग खोलकर हजारों युवाओं को आईएएस बना चुके हैं।












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