IAS Success Story: बेटी खुशहाली सोलंकी ने UPSC टॉप किया तो पति पर गुस्सा क्यों हो गई पत्नी?
Khushhali Solanki IAS Succsess Story: जिस घर से यूपीएससी टॉपर निकलता है। वहां का कोना-कोना खुशियों से सराबोर हो जाता है। परिवार के लोगों के बोलने का अंदाज बदल जाता है। नोक-झोंक ही नहीं बल्कि गुस्से में भी सफलता की झलक दिख जाती है। कुछ ऐसी ही कहानी राजस्थान के बीकानेर की खुशहाली सोलंकी के परिवार की है।
राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली खुशहाली सोलंकी ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में अखिल भारतीय स्तर पर 61वीं रैंक हासिल की है। आईएएस बनना तय है। खुशहाली ने तीसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। 16 अप्रैल को यूपीएससी सीएससी 2023 रिजल्ट आने के बाद खुशहाली की मां संगीता व पिता राजेश सोलंकी के बीच हुई बातचीत काफी मजेदार है।

खुशहाली सोलंकी का परिवार
बता दें कि यूपीएससी टॉपर खुशहाली सोलंकी के पिता राजेश सोलंकी एक्सईएन हैं, जो वर्तमान में मेडिकल हैल्थ डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं। इनके पास चूरू व हनुमानगढ़ का चार्ज है। मां संगीता सोलंकी भी एक्सईएन हैं। ये अभी इंदिरा गांधी नहर परियोजना में क्वालिटी कंट्रोल बीकानेर में तैनात हैं। भाई पुलकित सोलंकी जयपुर में काम करते हैं। भाभी का नाम कोमल सोलंकी है।
पिता ने नहीं उठाया फोन, मां हुईं गुस्सा
वनइंडिया हिंदी से बातचीत में राजेश सोलंकी कहते हैं कि 16 अप्रैल को यूपीएससी का रिजल्ट आया तब वे एसई डॉ डी. के.सिंघल के साथ हनुमानगढ़ टाउन में किसी साइट पर थे। दोपहर करीब 1 बजकर 32 मिनट पर गाड़ी को सड़क किनारे खड़ा करके कोल्ड ड्रिंक पीने रुक गए थे। दोनों मोबाइल गाड़ी में रखे हुए थे। उसी दौरान घर से पत्नी संगीता व बेटी खुशहाली ने खूब फोन किए, मगर मोबाइल गाड़ी में रखे होने की वजह से बात नहीं हो पाई तो पत्नी गुस्सा हो गईं।

ड्राइवर के फोन पर किया कॉल
थोड़ी देर बाद पत्नी संगीता ने राजेश सोलंकी के ड्राइवर अरशद के मोबाइल पर कॉल किया। अरशद ने साहब राजेश को कॉल दिया तो सामने से पत्नी गुस्से में बोल रही थी कि 'आज बेटी का यूपीएससी का रिजल्ट आया है और आप हो कि फोन ही नहीं उठा रहे' फिर पत्नी ने उन्होंने सूचना दी कि बेटी ने ऑल इंडिया 61वीं रैंक हासिल की है।
आप कलेक्टर की मां से बनवा रहे चाय?
राजेश सोलंकी कहते हैं कि बेटी के आईएएस बनने पर पत्नी ने दूसरे दिन हंसी मजाक किया। हुआ यूं कि सुबह पहली चाय राजेश खुद ही बनाकर पीते हैं। दूसरी चाय अखबार पढ़ते हुए पत्नी के हाथ से बनवाकर पीते हैं। 17 अप्रैल को जब राजेश ने दूसरी चाय बनाने के लिए पत्नी संगीता को बोला तो जवाब मिला कि 'अब मैं कलेक्टर की मां हूं। आप कलेक्टर की मां से चाय बनवाना चाहते हैं?'इस पर दोनों खूब हंसे। हालांकि बाद में दूसरी चाय भी मिली।

सीएम का कॉल आया, कलेक्टर ने खिलाई मिठाई
खुशहाली सोलंकी कहती हैं कि उन्होंने शुरू से ही यूपीएससी क्रैक करने पर फोकस रखा। दो बार फेल हुई तो कमियों को खूब सुधारा और तीसरे प्रयास में पास हो गई। तब राजस्थान सीएम भजन लाल शर्मा का कॉल आया। संभागीय आयुक्त वंदना सिंघवी ने बधाई दी। बीकानेर जिला कलेक्टर नम्रता वृष्णि ने मिठाई खिलाकर मुँह मीठा करवाया।












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