Success Story: शादी के 17 साल बाद 3 बच्चों की मां ज्योत्सना बनीं BPSC टॉपर, ताने मारने वाले भी दे रहे बधाई
Jyotsna Priya Bihar Success Story: शादी के बाद लड़कियों की जिंदगी अक्सर चूल्हा-चौका तक ही सीमित हो जाती है। बच्चों की देखभाल में ही सारा दिन निकल जाता है, मगर इस मामले में बिहार की ज्योत्सना प्रिया की सक्सेस स्टोरी प्रेरणादायी है। ज्योत्सना प्रिया ने शादी के 17 साल बाद हाल ही 69वीं बिहार लोक सेवा आयोग की टॉपर बनकर राजस्व अधिकारी बनने में सफलता हासिल की है।
ज्योत्सना प्रिया कहती हैं कि 'मैं गायत्री परिवार से जुड़ी हुई है। वहां से सीखा कि अगर आपकी लाइफ को कोई बदल सकता है तो दर्पण के सामने खड़े होकर देखो। सामने जो शख्स दिखाई दे रहा वो ही इंसान आपकी लाइफ में बदलाव ला सकता है। मेरा कहानी में मैं खुद और परिवार का सपोर्ट अहम रहा।'
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शादी के 17 साल बाद बीपीएससी में 262वीं रैंक हासिल करने वालीं ज्योत्सना प्रिया बिहार के सीतामढ़ी की रहने वाली हैं। बिहार के शिवहर निवासी सुरेश सिंह और आँगनबाड़ी सेविका शीला देवी के घर जन्मी ज्योत्सना ने अपने गांव के सोनौल सुल्तान उच्च विद्यालय से मैट्रिक की पढ़ाई की। इंटर के बाद साल 2007 में प्रवीण सिंह से शादी हुई। प्रवीण सिंह का किरण चौक सीतामढ़ी में मेडिकल शॉप है। इनके तीन बच्चे हैं।

2014 में फिर से उठाई किताबें
शादी के बाद ज्योत्सना प्रिया ने कुछ बड़ा करने की ठानी। जानती थी कि इसके लिए पढ़ाई जरूरी है। इसलिए किताबों से फिर दोस्ती की। ससुराल में रहते हुए साल 2014 में कॉलेज में दाखिला लिया। बीकॉम की डिग्री हासिल की। साल 2018 में कॉलेज पूरी करने के बाद बिहार लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा परीक्षा की तैयारी करने लगी। चार बार असफल रहीं, मगर इसके बावजूद न हिम्मत हारी और ना ही मेहनत करना छोड़ा। नतीजा यह रहा साल 2024 में सफल हो गईं।

खाना बनाते-बनाते भी करती तैयारी
ज्योत्सना प्रिया कहती हैं कि सुबह बच्चों के लिए खाना बनाते बनाते यूट्यूब वीडियो देखकर करंट अफेयर की तैयारी कर लिया करती थी। बच्चे स्कूल व पति शॉप पर चले जाने के बाद तैयारी करने बैठ जाती थी। रात को 12 बजे तक पढ़ती और सुबह चार बजे उठकर फिर पढ़ाई करती। रोजाना करीब छह घंटे पढ़ाई करती थी। टेस्ट खूब देती थी।

डीएसपी बनना चाहती थीं ज्योत्सना प्रिया
बकौल, ज्योत्सना प्रिया 'सात साल के अंतराल के बाद फिर से किताबें उठाई तो लोग ताने मारते थे कि बच्चों को स्कूल भेजने की उम्र में खुद पढ़ने लगी है। कॉलेज में भी मेरे उम्र का कोई स्टूडेंट नहीं था। पांच साल से किसी शादी-समारोह में नहीं जा पाई। बस बीपीएससी पास करके डीएसपी बनना चाहती थी, मगर राजस्व अधिकारी बनी हूं। अब सक्सेस होने पर वो ताने मारने वाले बधाई दे रहे हैं।'

रिजल्ट वाले दिन कमरे में बंद किया
ज्योत्सना प्रिया कहती हैं कि 26 नवंबर 2024 को 69वीं बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा रिजल्ट आने वाला था तो उस दिन खुद को एक कमरे में बंद कर लिया। रिजल्ट देखा तो शुरुआत की तीन पीडीएफ में नाम नहीं था। फिर 262वीं रैंक पर खुद का नाम देखकर आंखों से आंसू बह निकले। चार बार की असफलता के बाद सफलता मिली।
डायरी में लिख लेती थीं कमियां
ज्योत्सना प्रिया कहती हैं कि 'मैं बीपीएससी परीक्षा और तैयारी के दौरान टेस्ट के बाद अपनी कमियां खोजती। उन्हें दूर करने की कोशिश करती। साथ में एक डायरी रखती थी, जिसमें हर बार गलतियों को नोट कर लिया करती थी। कोशिश करती कि वे गलतियां दुबारा ना हो। नतीजा सबके सामने है।'












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