VIDEO: जानलेवा बीमारी से जूझ रही मीनू सुरीला गाना सुनाकर कर हर रहीं मरीजों का दर्द, भुलाया अपना गम
मीनू के हौसले को हर कोई सेल्यूट कर रहा है। लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में एडमिट मीनू बीमारी की की हालत में सुरीला गाना सुनाकर बांट रहीं खुशी। देखें वीडियो

जिंदगी जिंदादिली का नाम है.... लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भर्ती मीनू नाम की मरीज को देखकर आप ये ही कहेंगे। पिछले तीन महीने से मीनू यहां एडमिट हैं और लिवर की जानलेवा बीमारी से जूझ रही हैं, लेकिन इनके हौसले को देखकर हर कोई इन्हें सेल्यूट कर रहा है।

मरीजों के बीच खुशियां बांट रही है मीनू
लिवर की जानलेवा बीमारी से ग्रसित मीनू का पेट गर्भवती महिला जैसा नजर आता है खुद इतनी तकलीफ में होने के बावजूद मीनू बड़ा सा पेट का बोझ लिए अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों के चेहरे पर खुशियां बिखेरने के लिए वार्डों में पहुंच जाती हैं और अपने सुरीले कंठ से गाना सुनाकर सभी का दर्द हर लेती हैं।
हर तीसरे दिन पेट से पानी निकाला जाता है
ये वीडियो लखनऊ के सरकारी अस्पताल बलरामपुर के हड्डी विभाग के मरीजों के वार्ड का है। आर्थों विभाग के सर्जन डॉक्टर जीपी गुप्ता ने बताया कि मीनू पिछले 1 साल से अस्पताल में एडमिट है। इसका लीवर फेल हो चुका है और जलोदर बीमारी से ग्रसित है। अस्पताल के डॉक्टर नरेंद्र देव मीनू का इलाज कर रहे हैं। डॉ जीपी गुप्ता ने बताया हर तीसरे दिन पेट से पानी निकला जाता है।
मरीज ही नहीं डॉक्टर भी मीनू के गाने के हैं फैन
मीनू जानलेवा बीमारी से जूझ रही है लेकिन सुबह से शाम तक ये बलरामपुर अस्पताल के एक वार्ड से दूसरे वार्ड में ऐसे ही जाकर अपना सुरीला गाना सुनाकर बीमारी से जूझ रहे मरीजों का दर्द कम करने की कोशिश करती है। अस्पताल के डॉक्टर भी मीनू का सुरीला गाना सुनने कभी-कभी वार्ड में रुक जाते हैं।
मीनू को नौ साल की उम्र में ही मां ने छोड़ दिया था
मीनू का पूरा नाम शशि मुखर्जी उर्फ मीनू है। मीनू असम की रहने वाली है, मीनू की पिता रेलवे में इंजीनियर थे और मां लखनऊ के ही सरकारी ऑफिस में नौकरी करती है। मीनू ने बताया कि जब वो नौ साल की थी तब ही उसकी मां ने उसे सड़क पर छोड़ दिया था। तब से मीनू अनाथों के जैसे पल रही है। मीनू को एक साल पहले चारबाग स्टेशन पर लोगों ने इतना मारा कि उसकी ये हालत हो गई, पिछले एक साल से अस्पताल के वार्ड संख्या-33 में बेड नम्बर-1 पर एडमिट मीनू इनता दर्द भरा जीवन बिताने के बावजूद लोगों में खुशियां बांट रही है।
मीनू ने मरीजों को सुनाया मेरा जीवन कोरा काग़ज
जानलेवा बीमारी से लड़ रही मीनू का गला इतना सुरीला हैं कि इनके आगे आज के प्रोफेशन सिंगर भी फेल हैं। मीनू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है जिसमें मीनू कोरा कागज़ फिल्म का मेरा जीवन कोरा कागज कोरा ही रह गया... गाती नजर आ रही हैं।
तीमारदारों के रहम से भर रहा इस टैलेंटेड मीनू का पेट
अस्पताल में भर्ती होने के बाद उसके पास खाना खाने के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं, मीनू को वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार ही खाना, पानी दे देते हैं, उसी से उसी से वो अपना पेट भर लेती है।
कमजोरी और दर्द में भी मुस्कुराती रहती है मीनू
लिवर में जो पानी भर जाता है उसे डॉक्टर प्रोसीजर बीच-बीच पेट से बाहर निकाल देते हैं। पेट फूले होने के कारण मीनू को काफी कमजोरी रहती है लेकिन वो लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने के लिए अलग-अलग वार्ड में जाकर मरीजों को हाल पूछती हैं और सुरीले कंठ से फिल्मी गाने सुनाकर उन्हें हौसला देती हैं।












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