IAS Ira Singhal: लोग दिव्यांगता का उड़ाते थे मजाक, प्रेरणा से भरी है UPSC टॉपर की सफलता की कहानी
Ira Singhal Success Story "सफर में मुश्किलें आए, तो हिम्मत और बढ़ती है, अगर कोई रास्ता रोके, तो जुर्रत और बढ़ती है..." UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2014 बैच की टॉपर इरा सिंघल की सफलता की कहानी कुछ ऐसी ही सच्चाई बयां करती है। दिव्यांगता को मात देकर यूपीएससी सामान्य श्रेणी में टॉप करने वाली इरा सिंघल आज हर महिला के लिए प्रेरणा हैं।
इरा का आईएएस बनने का सफर आसान नहीं था, इन्होंने लंबे संघर्ष और कई मुश्किलों को पार करते हुए ये मंजिल हासिल की है। 8 मार्च को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आइए जानते हैं इरा सिंघल की आईएस बनने का प्रेरणादायी संघर्ष भरा सफर।

कौन हैं इरा सिंघल
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में जन्मीं इरा सिंघल ने इसी शहर में बचपन बिताया। इसके बाद परिवार के साथ दिल्ली शिफ्ट हो गईं। इरा सिंघल के पापा कपड़ों में प्रेस करने का काम करते थे। पिता ने दिन रात कड़ी मेहनत कर और मां ने अपने गहने बेच कर बेटी को पढ़ाया।
बचपन में देखा था ये ख्वाब
जब इरा 7 साल की थी तब मेरठ में रहती थी तब वहां दंगे हो गए और कर्फ्यू लग गया था। तब इरा न्यूज में हर दिन डीएम का नाम सुनती थी, तब उन्हें डीएम की पोस्ट में बहुत प्रभावित किया और उन्होंने बड़े होकर डीएम बनने की ठान लिया था।
इरा की दिव्यांगता का लोग बनाते थे मजाक
इरा सिंघल को स्कोलियोसिस (Scoliosis) यानी रीढ़ से संबंधित एक शारीरिक विकार है, जिसके कारण उनका हाथ सामान्य लोगों की तुलना में काम नहीं करता है। इरा जब अपने दोस्तों से बचपन में कहती थी कि वो आईएएस बनना चाहती है तो वो लोग इरा का मजाक बनाते थे और कुबड़ी कहकर चिढ़ाते थे। इरा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके दोस्त कहते थे ठीक से चल तो पाती नहीं है ये क्या आईएएस बन पाएगी।
दिव्यांगता को नहीं मानी अपनी कमजाेरी
लेकिन इरा को अपने ऊपर पूरा विश्वास था ये ही वजह थी कि समाज का इस तरह से उनकी बेइज्जी करना उन्हें डिगा नहीं पाया। इन आलोचनाओं को इरा ने एक चैलेंज समझा और अपने लक्ष्य को भेदने में जुट गई। इरा ने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से ग्रेजेएशन किया। इसके बाद फैकेल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में एमबीए किया। इसके बाद एक कन्फेक्शनरी फर्म में स्ट्रैटेजी मैनेजर की नौकरी की लेकिन मन नहीं लगा तो उन्होंने अपना बचपन में देखा सपना पूरा करने के लिए यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।
UPSC क्रेक करने के बाद भी नहीं खत्म हुआ संघर्ष
इरा सिंघल ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ UPSC परीक्षा को पास तो कर लिया लेकिन पोस्ट हासिल करने लिए उन्हें अपने अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी। दरअसल, 2010, 2011 और 2013 में UPSC परीक्षा देने के बाद और IRS के लिए चयनित होने के बावजूद उनकी पोस्टिंग को रोकने के निर्णय लिया गया जिसके खिलाफ उन्होंने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में अपील की और 2014 में केस जीतने के बाद उन्हें IRS के सहायक आयुक्त के रूप में नियुक्ति मिली।
2014 में यूपीएससी टॉप किया
इसके साथ ही इरा सिंघल ने 2024 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की सामान्य श्रेणी में टॉप कर इतिहास रच दिया। इरा पहली ऐसी दिव्यांग थी जिन्होंने सामान्य श्रेणी में यूपीएसएसी की परीक्षा टॉप की थी। इरा ने साबित कर दिया कि किसी भी तरह की दिव्यांगता होने के बावजूद अगर आपके पास लक्ष्य और मेहनत की भावना है, तो आप किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं। इरा ने व्यक्तिगत चुनौतियों के बावजूद सफलता प्राप्त करके न केवल अपनी व्यक्तिगत जीत हासिल की, बल्कि उन्होंने विकलांगता के प्रति समाज का नजरिया बदला है।












Click it and Unblock the Notifications