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Success Story: कोहिमा की थोंगली ने पेश की नई मिसाल, बताया सफलता के लिए देनी पड़ी क्या-क्या कुर्बानियां!

Motivational Story: बीते कुछ दिनों के अंदर कई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित किया हैं। इन एग्जाम में टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं की चर्चा हर तरफ है। इसमें से कई स्टूडेंट्स की कहानी वाकई प्रेरणा देने वाली है। इन बच्चों से बड़ों को भी सिखने के लिए बहुत कुछ मिलता है। ऐसी ही एक स्टोरी है नागालैंड के कोहिमा की रहने वाली त्सियुरिले वी. थोंगली की।

लिटिल फ्लावर हायर सेकेंडरी स्कूल, कोहिमा की स्टूडेंट, वोंगसुथोंग सांग्लिशे की बेटी त्सियुरिले वी. थोंगली ने एचएसएलसी परीक्षा 2024 (HSLC Exam 2024) में राज्य में शीर्ष 4 स्थान में जगह बना कर अपनी अलग पहचान बनाई है। नागालैंड ट्रिब्यून से बात करते हुए किफिरे के पुंगरो गांव के यिमखिउंग समुदाय से आने वाली थोंगली ने अपनी सफलता की यात्रा के बारे में बात की।
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Tsuirile V Thongli Success story

परीक्षा की तैयारी में रणनीति जरूरी

अपनी परीक्षा की तैयारी की रणनीति के बारे में बताते हुए थोंगली ने कहा कि पाठ्यक्रम को व्यापक रूप से कवर करने और महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करने से उन्हें एग्जाम के दौरान बहुत मदद मिली है। उसने बताया कि पहले चुनौतीपूर्ण विषयों को निपटाकर और फिर व्यवस्थित रूप से पाठ को दोहराकर उसने परीक्षा की तैयारियों के दौरान अपना समय प्रभावी ढंग से प्रबंधित किया।

एचएसएलसी टॉपर ने अपनी तैयारी के दौरान उन चुनौतियों के बारे में भी जानकरी दी जिनसे वह गुजरी थी। परीक्षा की तैयारियों के दौरान एक किशोर अवस्था के स्टूडेंट को कम नींद लेना, उत्सवों और सामाजिक कार्यक्रमों में ना शामिल होना काफी कठिन रहता है।

अपने माता-पिता और शिक्षकों को धन्यवाद देते हुए, थोंगली ने बताया कि उनकी सफलता में उनका भी बराबर का योगदान है। उसकी पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए अपने माता-पिता के बिना शर्त समर्थन और शंकाओं को दूर करने और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए शिक्षकों की निरंतर उपलब्धता की बारे में भी उसने बात की।

थोंगली ने आगे कहा कि उसने अपने सहपाठियों के बीच प्रतिस्पर्धी भावना से प्रेरणा ली, जिसने उसे अपनी पढ़ाई में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उसकी अध्ययन दिनचर्या लचीली लेकिन अनुशासित थी। वह रोजाना कम से कम 4-5 घंटे पढ़ाई को समर्पित करती थी। जैसे-जैसे परीक्षा नजदीक आई उसने अपने पढ़ाई में लगने वाले वक्त को और बढ़ाया।

किसी भी पाठ या टॉपिक के स्पष्टीकरण के लिए ज्यादातर पाठ्यपुस्तकों, नोट्स और कभी-कभी इंटरनेट पर निर्भर रहने वाली थोंगली ने अपनी पढ़ाई को प्राथमिकता देते हुए अन्य ध्यान भटकाने वाली चीजों से बचते हुए पढ़ाई पर फोकस बनाए रखा।

भविष्य की आकांक्षाओं पर बात करते हुए थोंगली के बताया कि उसका इरादा उच्च माध्यमिक शिक्षा के लिए विज्ञान स्ट्रीम लेकर आगे बढ़ने का है। उसका अंतिम लक्ष्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करते हुए चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने का है।

अपने से जूनियर स्टूडेंट्स को सलाह देते हुए, थोंगली ने लक्ष्य निर्धारित कर परीक्षा की तैयारी की एक जरुरी युक्ति शेयर की। उसने कहा, "पेशेवर रूप से अच्छा प्रदर्शन करने का अर्थ है विलंब से बचना। अपनी पढ़ाई में देरी करने से आपकी पढ़ाई में बाधा आ सकती है। संतोषजनक परिणाम प्राप्त करने के लिए अपने लक्ष्य के प्रति अनुशासित और समर्पित रहना बेहद जरुरी है।"
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