इलेक्ट्रिशियन के बेटे की मेहनत लाई रंग, अमेरिकी कंपनी ने दिया 70 लाख का पैकेज

अगर व्यक्ति में हुनर और काबिलियत हो तो फिर दुनिया की कोई मुश्किल उसे कामयाबी से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है जामिया मिलिया इस्लामिया के एक छात्र ने। मोहम्मद आमिर अली नाम के इस छात्र ने जामिया मिलिया इस्लामिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है।

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नई दिल्ली। अगर व्यक्ति में हुनर और काबिलियत हो तो फिर दुनिया की कोई मुश्किल उसे कामयाबी से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है जामिया मिलिया इस्लामिया के एक छात्र ने। मोहम्मद आमिर अली नाम के इस छात्र ने जामिया मिलिया इस्लामिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। इलेक्ट्रिशियन के बेटे अली की काबिलियत को देखते हुए एक अमेरिकी कंपनी ने उन्हें 70 लाख का पैकेज दिया है। इतना ज्यादा पैकेज पाने वाले अली पहले जामिया डिप्लोमा होल्डर हैं।

अमेरिकी कंपनी ने दिया 70 लाख का पैकेज

अमेरिकी कंपनी ने दिया 70 लाख का पैकेज

जामिया मिलिया इस्लामिया से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले मोहम्मद आमिर अली को एक अमेरिकी कंपनी ने एक लाख यूएस डॉलर, यानि की 70 लाख रुपये का पैकेज दिया है। छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर के अली की इस कामयाबी के पीछे सालों की मेहनत भी है। अली ने स्कूल बोर्ड तो पास कर ली थी लेकिन जामिया के बीटेक कोर्स को क्वालिफाई नहीं कर पाए थे। उन्होंने इस कोर्स में दाखिले के लिए तीन बार कोशिश की लेकिन नाकाम रहे।

प्रोफेसर की मदद से बनाई थियोरी

प्रोफेसर की मदद से बनाई थियोरी

आर्थिक परेशानी के कारण वो एनआईटी झारखंड में आर्किटेक्चर का कोर्स भी नहीं कर पाए। आखिरकार 2015 में उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया में मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा में एडमिशन लिया। पढ़ाई के दौरान अली ने इलेक्ट्रिकल गाड़ियों को चार्च करने करने की थियोरी को विकसित किया। अली ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि अगर उनकी ये थियोरी कामयाब रहती है तो फिर इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करने में कोई कॉस्ट नहीं आएगी। अली ने बताया कि पहले उनके प्रोफेसर को उनके आइडिया में यकीन नहीं हुआ, लेकिन फिर असिस्टेंट प्रोफेसर वकार आलम ने उनमें दिलचस्पी दिखाई और उन्हें गाइड किया।

बेटे की कामयाबी से गदगद पिता

बेटे की कामयाबी से गदगद पिता

इसके बाद अली ने रिसर्च का प्रोटोटाइप बनाकर जामिया के तालिमी मेला में भी दिखाया और सेंटर ऑफ इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप के लिए अपना इंट्रेस्ट भेजा। इसके डायरेक्टर प्रोफेसर जीशान हुसैन ने अली के आइडिया को आगे प्रमोट किया और आखिर ये जाकर यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर अपलोड हुआ। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलीना स्थित फ्रिसन मोटर वर्क्स कंपनी को अली का ये आइडिया पसंद आ गया। उन्होंने अलीको 70 लाख के पैकेज की नौकरी दी है। अली के पिता शमशाद अली इलेक्ट्रिशियन हैं। अपने बेटे की कामयाबी पर वो फूले नहीं समा रहे।

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