पड़ोसन ने किया 28 सालों तक मेरे मौलिक अधिकारों का हनन, जानिए कैसे हुआ निजता के अधिकार का हनन
सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की पीठ ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार करार दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद निजता को मौलिक अधिकार माना जाएगा। इस फैसले से कई लोग खुश हैं तो वहीं कई महिलाएं नाराज। फैसले पर कुछ महिलाओं का कहना है कि मेरी पड़ोसन मेरी साड़ी को छुपकर देखती है यह भी मेरे मौलिक अधिकारों का हनन है। चुन्नी बाई का कहना है कि अगर निजता मौलिक अधिकार है तो मेरे मौलिक अधिकारों का पिछले 28 साल दो महीने और 10 दिन से हनन हो रहा है।

चुन्नीबाई का कहना है भले ही मोदी सरकार 15 लाख नहीं दे पाई, लेकिन मेरे मौलिक अधिकारों के हनन की भरपाई करने के लिए कुछ करोड़ रुपये जरुर देने चाहिए। कुछ खबरों के मुताबिक एक हीरोइन ने फैशन डिजाइनर पर गुस्सा उतारा है क्योंकि फैशन डिजाइनर ने बता दिया कि हीरोइन किस डिजाइन की ड्रेस पहनने वाली है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई लोग सामने आए हैं, जिनका कहना है कि उनके मौलिक अधिकारों का भी हनन हुआ है। नाम न बताने की शर्त पर एक शख्स ने हमें बताया कि मैं कई सालों से दिल्ली मेट्रों में सफर करता हूं और रोज लोग मेरे मोबाइल में कैंडी क्रश खेल को देखते हैं। दूसरे लोगों के लगातार मुझे देखते रहने के कारण कई बार में ध्यान भंग हुआ, जिससे कारण में खेल में अच्छा स्कोर नहीं कर पाया। सरकार को इसकी भी भरपाई करनी चाहिए।
निजता के अधिकार के बाद विजय माल्या भी कह सकते हैं कि वो भारत कब लौटेंगे नहीं बता सकते क्योंकि यह उनकी निजता का अधिकार है। वहीं केजरीवाल भी कई दिनों से चुप हैं क्योंकि ये उनकी निजता का अधिकार है। हो सकता है कोर्ट के फैसले के बाद कलमाडी भी कह दें कि वो नहीं बताएंगे कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटाला क्यों किया।
(यह एक व्यंग्य है।)












Click it and Unblock the Notifications