Vastu Tips For Mirrors: घर में आईना कहां लगाना चाहिए और कहां नहीं? ऐसे बढ़ाएं पॉजिटिविटी
Vastu Tips For Mirror: आईना सिर्फ एक सजावटी वस्तु नहीं बल्कि हर घर की एनर्जी, लुक और लाइफस्टाइल को प्रभावित करने वाली एक जरूरी चीज है। सही जगह पर लगाया गया मिरर घर की खूबसूरती बढ़ाता है, पॉजिटिविटी लाता है और स्पेस को बड़ा और ब्राइट दिखाता है।
घर में मिरर प्लेसमेंट सही तरीके से करें
वहीं गलत जगह पर लगा आईना बार-बार नेगेटिव वाइब्स और अनचाही परेशानियां भी दे सकता है। इसलिए घर में मिरर प्लेसमेंट को लेकर सजग रहना बेहद जरूरी है।

आईना घर को एनर्जेटिक और मॉडर्न बनाता है
मिरर (आईना) सही जगह पर लगाया जाए तो ये घर को खूबसूरत, एनर्जेटिक और मॉडर्न बनाता है। वहीं गलत प्लेसमेंट आपके लाइफस्टाइल और घर की एनर्जी दोनों को प्रभावित कर सकता है। आइए जानते हैं कि घर में मिरर कहां लगाना चाहिए और कहां नहीं।
घर में मिरर लगाने के लिए बेस्ट जगहें
1. लिविंग रूम में मिर (एनर्जी और एलीगेंस बढ़ाता है)
लिविंग रूम घर का सबसे एक्टिव स्पेस होता है। यहां एक बड़ा और सुंदर मिरर लगाने से, रूम में नेचुरल लाइट बढ़ती है, स्पेस अधिक बड़ा और ओपन दिखाई देता है। पॉजिटिविटी और एलीगेंस दोनों बढ़ते हैं। ध्यान रखें कि मिरर ऐसी दीवार पर लगाया जाए जहां से किसी सुंदर डेकोरेशन, प्लांट या आर्ट की रिफ्लेक्शन आए।
2. डाइनिंग एरिया में मिरर (प्रॉस्पेरिटी का संकेत)
वास्तु के अनुसार डाइनिंग एरिया में लगा मिरर समृद्धि बढ़ाने का संकेत देता है। ये भोजन की रिफ्लेक्शन करके पॉजिटिव एनर्जी को डबल करता है। लाइफस्टाइल के हिसाब से भी ये स्पेस को मॉडर्न और लग्जरी फील देता है।
3. एंट्रेंस के साथ वाली दीवार (वेलकमिंग वाइब्स)
अगर मुख्य दरवाजे के सीधे नहीं बल्कि साइड की दीवार पर आईना लगाया जाए तो वह घर में आने वाली रोशनी को रिफ्लेक्ट कर जगह को और भी ब्राइट बना देता है। इसे वेलकमिंग वाइब बनाने का एक स्टाइलिश तरीका माना जाता है।
4. ड्रेसिंग रूम और बेडरूम का वॉर्डरोब
ड्रेसिंग एरिया में बड़ा फुल-साइज मिरर प्रैक्टिकल भी है और लाइफस्टाइल को अधिक ऑर्गनाइज बनाता है। बेडरूम में अगर मिरर लगाना जरूरी हो तो उसे वॉर्डरोब के अंदर या स्लाइडिंग डोर पर लगाना सबसे अच्छा होता है ताकि ये सीधे न दिखे।
घर में मिरर कहां नहीं लगाना चाहिए?
1. मुख्य दरवाजे के सामने
फ्रंट डोर के ठीक सामने लगा मिरर घर में आने वाली सभी अच्छी एनर्जी को वापस धक्का दे देता है। ये वास्तु के अनुसार भी ठीक नहीं माना जाता और लाइफस्टाइल के लिहाज से भी ये एंट्री को थोड़ा अनकंफर्टेबल बना देता है।
2. बेड के ठीक सामने मिरर
ये सबसे कॉमन लेकिन गलत प्लेसमेंट है। बेडरूम रेस्ट और शांति का स्थान है। सोते समय मिरर में अपनी रिफ्लेक्शन देखना मानसिक बेचैनी, तनाव और नींद में बाधा पैदा कर सकता है। लाइफस्टाइल में मिनिमलिस्ट बेडरूम का ट्रेंड भी इसी बात को सपोर्ट करता है कि मिरर बेड के सीधे सामने नहीं होना चाहिए।
3. किचन में मिरर
किचन में मिरर लगाना न तो हाइजिनिक माना जाता है और न ही वास्तु के अनुसार अच्छा। ये फायर एलीमेंट के साथ कंफ्लिक्ट करता है और एस्थेटिकली भी मॉडर्न किचन डिजाइन में इसकी जरूरत नहीं होती।
4. बाथरूम के बाहर की दीवार
अगर बाथरूम का दरवाजा खुले तो उसकी रिफ्लेक्शन आईने में नहीं आनी चाहिए। ये एनर्जी डिस्टर्ब करता है और घर की हाइजीन अपील भी घटाता है।
5. टूटा-फूटा या बिना धुला मिरर
-लाइफस्टाइल और एनर्जी दोनों तरह से ये नेगेटिव माना जाता है। टूटा हुआ मिरर घर में बेचैनी, गंदगी और अनकंफर्टेबलनेस का संकेत देता है। इसलिए ऐसे मिरर तुरंत बदल दें। मिरर चुनते समय ये लाइफस्टाइल टिप्स हमेशा याद रखें।
-हमेशा क्लियर और हाई-क्वालिटी मिरर ही लगाएं। राउंड, ओवल या आर्टिस्टिक फ्रेम वाले मिरर घर को मॉडर्न लुक देते हैं। मिरर हमेशा साफ और शाइनी रखें। मिरर के सामने सुंदर चीजें रखें ताकि उनका पॉजिटिव रिफ्लेक्शन दिखे।












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