कार्यस्थलों पर पीरियड्स लीव देने की कोई योजना नहीं, महिलाओं को लेकर सरकार का बड़ा ऐलान
No Paid Menstrual Leave: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गत 2 अगस्त 2024 (शुक्रवार) को लोकसभा को बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के लिए मासिक धर्म अवकाश (पीरियड् लीव) को अनिवार्य बनाने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है।
मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने की योजना
मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने आगे कहा कि सरकार 10 से 19 वर्ष की आयु वर्ग की किशोरियों के बीच मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने की योजना लागू की है। ये योजना राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर राज्य कार्यक्रम कार्यान्वयन योजना (पीआईपी) के माध्यम से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा समर्थित है।

स्मृति ईरानी ने पीरियड्स को लेकर कही थी ऐसी बात
इस योजना के तहत, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) द्वारा किशोरियों को रियायती दरों पर सैनिटरी नैपकिन पैक प्रदान किए जाते हैं। पिछले साल दिसंबर में, तत्कालीन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) मंत्री स्मृति ईरानी ने पीरियड्स की अवधारणा को एक बाधा के रूप में खारिज कर दिया और मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए पेड लीव पर एक विशिष्ट नीति की आवश्यकता को अस्वीकार कर दिया था।
महिलाओं के समान अवसरों में समस्या पैदा करना
राज्यसभा के सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए, स्मृति ईरानी ने पीरियड्स के प्राकृतिक पहलू को रेखांकित किया और देश की मासिक धर्म स्वच्छता नीति की हाल ही में हुई संसदीय जांच के मद्देनजर महिलाओं के समान अवसरों में समस्या पैदा करने वाले प्रस्तावों के खिलाफ आग्रह किया था।
'महिलाओं के लिए पीरियड्स कोई बाधा नहीं'
स्मृति ईरानी ने जोर देकर कहा था- पीरियड से गुजर रही महिला के लिए, मासिक धर्म और मासिक धर्म चक्र कोई बाधा नहीं है। ये महिलाओं की जीवन यात्रा का एक स्वाभाविक हिस्सा है। हमें ऐसे मुद्दों का प्रस्ताव नहीं देना चाहिए जहां महिलाओं को समान अवसरों से वंचित किया जाए, सिर्फ इसलिए कि किसी ऐसे व्यक्ति का मासिक धर्म के प्रति एक विशेष दृष्टिकोण है जिसे मासिक धर्म नहीं होता है।












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