महिलाओं की तुलना में पुरुषों में कोविड-19 से मरने की संभावना अधिक, शोध में खुलासा, आखिर क्यों हो रहा है ऐसा?
Covid-19: कोरोना महामारी के बाद से लोग कई तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझते नजर आ रहे हैं। पुरुषों और महिलाओं दोनों को कई तरह की बीमारियां घेर रही हैं। इसी बीच एक ऐसा शोध किया गया है जिसमें इस बात का पता लगाया गाया है कि कोविड-19 के बाद से महिलाओं की तुलना में पुरुषों को अधिक बीमारियां हो रही हैं।
पुरुषों को हो रहा है कोविड-19
द लैंसेट पब्लिक हेल्थ में प्रकाशित अध्ययन में 30 वर्षों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है ताकि ये पता चल सके कि पुरुष और महिलाएं खराब स्वास्थ्य का अनुभव अलग-अलग तरीके से कैसे करते हैं। नए शोध के अनुसार पुरुष कोविड-19, हार्ट संबंधी बीमारी और दुर्घटनाओं के ज्यादा शिकार हो रहे हैं। बीते कुछ समय में पुरुषों में इन बीमारियों से उच्च मृत्यु दर देखा जा रहा है।

कोविड के चलते पुरुषों की हुई मौत
वास्तव में, कोविड-19, साल 2021 में खराब हेल्थ का प्रमुख कारण था। नए शोध के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुषों ने कोरोना वायरस के कारण अपने जीवन के 45 फीसदी से अधिक वर्ष खो दिए हैं। इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के कार्डियोलॉजी और कार्डियो थोरेसिक सर्जरी के सलाहकार डॉ. वरुण बंसल के अनुसार ये व्यवहारिक और जैविक विविधताओं के कारण हो रहा है।
पुरुषों में डायबिटीज की संभावना अधिक
डॉ. वरुण बंसल ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बात करते हुए कहा- जैविक भिन्नताओं के कारण, पुरुषों में डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट संबंधी बीमारियों जैसी स्थितियां होने की संभावना अधिक होती है, जो कि कोविड-19 को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
पुरुष और महिलाएं प्रतिरक्षा के मामले में अलग
डॉक्टर ने बताया कि पुरुष और महिलाएं भी प्रतिरक्षा के मामले में वायरल संक्रमणों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया देते हैं। महिलाएं अक्सर अधिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रदर्शित करती हैं जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बीमारियां कम होती हैं। वहीं महिलाओं की तुलना में पुरुषों में धूम्रपान करने की आदत भी ज्यादा होती है जिसके चलते उनका हेल्थ ज्यादा खराब हो सकता है।
महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं
हालांकि अध्ययन के अनुसार, महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और सिरदर्द जैसी परेशानियों का अनुभव हो सकता है। दिलचस्प बात यह है कि अध्ययन में दक्षिण एशिया, यूरोप और एशिया के कुछ हिस्सों में महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अधिक मृत्यु दर दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य देखभाल रणनीति विकसित करना जरूरी
डां. बंसल के अनुसार पुरुषों और महिलाओं में ये असमानताएं युवावस्था में शुरू हो जाती हैं और जीवन भर बनी रहती हैं। महिलाएं समग्र रूप से अधिक बीमारी का अनुभव करती हैं। ये शोध पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल रणनीति विकसित करने के लिए और उनके बीच के अंतर को समझने की जरूरत को दर्शाता है।
महिलाओं की गर्भावस्था हुई प्रभावित
डॉ. बंसल ने बताया कि कोविड-19 के बाद से महिलाओं में पीरियड्स, गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान होने वाले हॉर्मोनल परिवर्तन और मूड स्विंग को प्रभावित होते देखा जा रहा है। इसके अलावा ये महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को भी प्राभवित कर रहा है।
मनोसामाजिक तनाव से महिलाएं हैं परेशान
डॉक्टर ने बताया कि मनोसामाजिक तनाव जो महिलाओं को प्रभावित करते हैं उनमें विशेष रूप से देखभाल के दायित्व, लिंग के आधार पर भेदभाव और सामाजिक अपेक्षाएं शामिल हैं। ये तनाव महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।












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