जब संता मिला आसाराम बापू से
संता और उसकी पत्नी में जमकर झगड़ा हुआ, संता दुखी होकर एक आसाराम बापू के सत्संग में चला गया।
वापस आने पर पत्नी: कहां गए थे?
संता: आसाराम बापू के सत्संग में।
पत्नी: कुछ असर पड़ा या नहीं।
संता कुछ नहीं बोला और अपनी पत्नी को गोद में उठा लिया।
पत्नी: क्या आसाराम ने रोमांस करने के लिए कहा है?
संता: नहीं, आसाराम बापू का कहना है कि अपने दुःख खुद उठाओ...तभी बेड़ा पार है।
संता: मम्मी ने कहा था कि कोई परेशानी हो तो पुलिस से कहना
पुलिस: हाँ, कहो?
संता: पहले तो मेरे जूते के फीते बाँध दो, फिर मेरी नाक पोंछ दो।
संता: क्या तुम मोबाइल और गर्लफ्रेंड में डिफरेंस बता सकती हो।
प्रेमिका: अगर तुम चाहो तो मोबाइल को हमेशा साइलेंट मोड पर रख सकते हो, लेकिन गर्लफ्रेंड को....। यह कह कर वह खामोश हो गई।












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