संता की शायरी
संता की उदास शायरी :
बंता: यार संता तुम उदास क्यूं हो?
संता: क्या बताऊं यार,
हंसती थी, हंसाती थी, बालों को लहराती थी, कुछ सोच कर मुस्कराती थी, देख कर शर्माती थी आज पता चला, साली पागल थी और मुझे भी पागल बनती थी.
छात्र का शिक्षक से सवाल
शिक्षक : एक दिन ऐसा आएगा जब पृथ्वी पर पानी नहीं होगा, सब जीव-जंतु नष्ट हो जाएंगे, सब तबाह हो जाएगा....
संता: सर तो क्या उस दिन भी स्कूल आना है?
बिजली मंत्री की मां -
एक नया नया बिजली मंत्री अपने सेक्रेटरी से बोला: यार जब से मैं बिजली मंत्री बना हूं,
पता नहीं क्यूं मेरी मम्मी की हिचकियां बहुत बढ़ गई हैं.
सेक्रेटरी: सर कुछ नहीं, जब भी बिजली कटती है तो शहर के लोग आपकी माता जी को बहुत याद करते हैं.












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