संता की औलाद मेंढक कैसे
संता की औलाद मेंढक कैसे
संता अपनी मां से- मां मैं कैसे पैदा हुआ?
मां- बेटा हमने एक बर्तन में आलू डाल कर पेड़ के नीचे रख दिये थे।
कुद दिन बाद उसमें से तुम मिले।
संता ने भी एक बर्तन में आलू डाल कर पेड़ के नीचे रख दिया।
कुछ दिन बाद बर्तन में देखा तो वहां एक मेंढक बैठा था।
संता गुस्से में- दिल करता है अभी पत्थर से तुझे मार दूं...
लेकिन क्या करूं, औलाद है तू मेरी।
संता का प्रपोज
संता ने कैफे में एक लड़की से आई लव यू कहा।
लड़की ने चांटा मारा- क्या बोला रे तू?
संता रोते हुए- जब सुना ही नहीं तो, चांटा क्यों मारा?












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