संता को फांसी

पुलिस संता को फांसी के एक दिन पहले जेल में बंद करते हुए।
पुलिस: कल सुबह 5 बजे ही ही तुम्हें फांसी दे दी जायेगी।
संता: हंसते हुए, कोई बात नहीं।
पुलिस: तुझे डर नहीं लग रहा हैं।
संता: इसमें डरने की क्या बात है, कल मै 8 बजे सो कर उठूंगा।
संता 1 अप्रैल को बस में चढ़ा, और कंडक्टर से।
संता: एक टिकट रामनगर का बना दो।
कंडक्टर: टिकट देते हुए बोला 10 रूपये दो।
संता: ये लो हाहाहा, अप्रैल फूल मेरे पास तो पास हैं।
संता बार में बैठा रो रहा था।
वेटर: क्यों रो रहे रहे हो?
संता: साला जिस लडकी को भुलाने के लिये पी रहा था, उसका नाम ही याद नहीं आ रहा।












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