कोरोना वैक्सीन की रेस में ये चार देश आगे, जानिए इनसे जुड़ी अहम बातें
नई दिल्ली: दुनिया में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 2 करोड़ के पार पहुंच गई है। संक्रमण इतनी तेज रफ्तार से फैल रहा कि अब भारत में भी रोजाना 60 हजार से ज्यादा मामले सामने आने लगे हैं। जब तक कोरोना वायरस की वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक हालात ऐसे ही रहेंगे, हालांकि ऑक्सफोर्ड समेत कई संस्थानों ने इसको लेकर राहत भरी खबर दी है। आइए जानते हैं दुनिया में कोरोना की वैक्सीन को लेकर कुछ अहम बातें-

भारत
हाल ही में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि उन्होंने कोरोना वायरस की वैक्सीन को तैयार कर लिया है। जिसका उत्पादन पुणे में स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में होगा। इस वैक्सीन के दूसरे और तीसरे फेस के ट्रायल की इजाजत भी सीरम इंस्टीट्यूट को मिल गई है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में सबसे पहले यही वैक्सीन आएगी।
चीन
चीन का दावा है कि उसकी फार्मा कंपनी SinoPharm ने कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार कर ली है। कंपनी के चेयरमैन लियू जिंगजेन के मुताबिक उनकी वैक्सीन इस साल के अंत तक आ जाएगी। इसके अलावा वैक्सीन की कीमत 1000 युआन यानी करीब 140 डॉलर होगी। इस वैक्सीन का दो शॉट 28 दिनों के अंतराल पर दिया जाएगा।
अमेरिका
वहीं अमेरिका की कंपनी मॉडर्न वैक्सीन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। अमेरिका की वो पहली कंपनी है, जो तीसरे चरण के ट्रायल को शुरू करने जा रही है। इसके लिए 30 हजार वालंटियर्स को तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा ट्रंप सरकार ने इस कंपनी को 472 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद भी दी है। साल के अंत या अगले साल की शुरूआत में इसके आने की उम्मीद है।
ऑस्ट्रेलिया
वहीं ऑस्ट्रेलिया भी कोरोना वैक्सीन को लेकर काफी उत्सुक है। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिशन के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया ने स्वीडिश-ब्रिटिश फार्मास्यूटिकल कंपनी ऑस्ट्राजेनेका के साथ डील की है ताकि वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर जिस वैक्सीन को तैयार कर रहे हैं, उसे हासिल किया जा सके। प्रधानमंत्री स्कॉट के मुताबिक वे वैक्सीन उत्पादन के लिए तैयार हैं, इसे देश के 2.5 करोड़ लोगों तक मुफ्त में पहुंचाया जाएगा।












Click it and Unblock the Notifications