Fact Check: मणिपुर में हिंसा के बीच दुकानों में लूट? जानें वायरल Video का सच
मणिपुर में जारी हिंसा के बीच एक वीडियो पोस्ट करते हुए दावा किया जा रहा है कि हिंसक प्रदर्शन के बीच दुकानों को लूटा जा रहा है।

मैतेई आरक्षण विवाद को लेकर बुधवार (3 मई) से भड़की मणिपुर में हिंसा अब धीरे-धीरे शांत हो रही है। राज्य में आर्मी-असम राइफल्स और रैपिड एक्शन फोर्स की मुस्तैदी के बाद हालात सुधरे हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल कई पोस्ट में दावा किया गया कि मणिपुर में हिंसक विरोध के बीच लोग दुकानों में लूटपाट कर रहे हैं।
हिंसा में 54 लोगों की मौत
दरअसल, मणिपुर में 3 मई को बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने के कदम के खिलाफ नागा और कुकी जनजातियों का प्रदर्शन हिंसा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने हिंसा के दौरान सैकड़ों घरों, चर्चों, मंदिरों और वाहनों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। हिंसा में 54 लोगों की मौत हो चुकी है।
हिंसा के बाद खबर सामने आई कि प्रदर्शनकारियों ने इंफाल घाटी और अन्य जिलों के 23 संवेदनशील पुलिस थानों से हथियार और गोला-बारूद लूट लिए थे।
हिंसा के बीच लूट का दावा
इस बीच सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि मणिपुर में हिंसा के बीच लोग दुकानों में लूटपाट भी कर रहे हैं। आप नेता राजेश शर्मा ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "बीजेपी मणिपुर में एक विफल सरकार है, लोगों की संपत्ति और जीवन बचाने की जिम्मेदारी सरकार की है? भाजपा पर शर्म आनी चाहिए।"
मणिपुर का नहीं है वीडियो
हालांकि जब वीडियो की सच्चाई जानने के लिए इसकी पड़ताल की तो हकीकत कुछ और निकली। मणिपुर हिंसा से जोड़कर शेयर किए जा रहा यह वीडियो फिलीपींस का है, जो इस साल फरवरी में इंटरनेट सामने आया था। इस वीडियो को याहू न्यूज ने 1 मार्च को शेयर किया गया था।
24 फरवरी की बताई जा रही घटना
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जिसके मुताबिक वीडियो फिलीपींस के लुसेना सिटी के एक सेकेंड हैंड सामान की दुकान की है। दुकानदार ने 24 फरवरी को एक स्पेशल सेल शुरू की थी, जिसके बाद लोगों की यह भीड़ उमड़ी। ऐसे में साफ होता है कि शेयर किया गया ये वीडियो पुराना है। हालिया मणिपुर हिंसा से इसका कोई संबंध नहीं है।

Fact Check
दावा
मणिपुर में हिंसक प्रदर्शन के् दौरान लूट।
नतीजा
हिंसा से जोड़कर शेयर किया जा रहा है वीडियो फर्जी है। असल में यह एक दुकान की है, जिसने सेल लगाई थी।












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