Fact Check: तेलंगाना की 10वीं की पुस्तक में Preface से कैसे हटा 'समाजवाद' और 'धर्मनिर्पेक्ष'? सच आया सामने

तेलंगाना में 10वीं क्लास की टेक्स्ट बुक को लेकर TSUTF ने मोर्चा खोल दिया। शिक्षकों ने पाठ्य पुस्तक की 'भूमिका' पार्ट से 'समाजवाद' और 'धर्मनिर्पेक्ष' शब्द हटाने पर कार्रवाई की मांग की है।

Fact Check: तेलंगाना बोर्ड की 10वीं क्लास की पाठ्यपुस्तक की प्रस्तावना (Preface) से धर्मनिर्पेक्ष और समाजवाद शब्द को हटाए जाने का कथित रुप से मामला सामने आया। नए एडिशन की पुस्तक से समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष दोनों शब्द नहीं है। एससीईआरटी ने प्रीफेस से शब्दों को नहीं हटाया तो ये हटे कैसे? इसी बात को लेकर तेलंगाना स्टेट यूनाइटेड टीचर्स फेडरेशन में नाराजगी है। मामले में शिक्षकों ने कार्रवाई की मांग की है।

 Telangana 10th class book Socialism secular

मामले में एससीईआरटी ने स्थिति स्पष्ट की है। तेलंगाा शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने साफ किया कि 10वीं की पाठ्यपुस्तकों की छपाई से पहले निगरानी में गलती के कारण ये स्थिति बनी है। राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को संशोधित प्रस्तावना की एक छवि डाउनलोड करने और इसे कवर पेज पर चिपकाने का आदेश जारी किया। परिषद ने कहा कि पाठ्यपुस्तकों में गलत प्रस्तावना है।

बता दें कि तेलंगा शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की नई पुस्तकों में कक्षा 10 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्य पुस्तकों के कवर पेज पर प्रस्तावना के दो शब्द समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष नहीं है। ऐसे में दावा किया जा रहा है कि इन दो शब्दों को तेलंगाना बोर्ड की ओर दसवीं क्लास की पुस्तक से हटा दिया गया है। लेकिन सच ये है कि मामला सामने आने के बाद तेलंगाना स्टेट यूनाइटेड टीचर्स फेडरेशन (TSUTF) ने इसे एक बड़ी गलती बताया है और गलत प्रकाशन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बता दें कि शुरुआत में एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में समाजवाद और धर्मेनिर्पेक्षता के शब्द टेक्स्ट बुक की प्रस्तावना का हिस्सा नहीं थे। इसे दिसंबर 1976 में 42वें संशोधन में इसमें जोड़ा गया था। पाठ्यपुस्तक के प्रीफेस में बदलावा को लेकर टीएसयूटीएफ के महासचिव चावा रवि ने कहा कि एससीईआरटी द्वारा पुरानी प्रस्तावना का प्रकाशन ऐसे समय में किया गया है जब दुनिया भर में चर्चा हो रही है कि देश में धर्मनिरपेक्षता को खतरा है, जिससे कई संदेह पैदा होते हैं। एससीईआरटी ने इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

ऐसे में तेलंगाना बोर्ड की पुस्तक को लेकर किया गया दावा फर्जी है। 10वीं की पाठ्यपुस्तक की प्रस्तावना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। एससीईआरटी ने इसे प्रिंटिंग में गलती माना है। मामले में प्रकाशक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं डीईओ ने विद्यालयों के हेडमास्टरों/प्रिंसिपलों पाठ्यपुस्तकों पर सही प्रस्तावना की कापी तुरंत चिपकाए जाने के निर्देश दिए हैं।

Fact Check

दावा

दावा किया जा रहा कि 10वीं की पाठ्य पुस्तक से दो अहम शब्दों को हटाया दिया गया।

नतीजा

दावा फर्जी है।

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