डेंगू के इलाज में बकरी का दूध है कारगर? डॉक्टरों ने बताई चौंकाने वाली सच्चाई
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर: कोरोना महामारी का प्रकोप देश में धीरे-धीरे कम हो रहा है लेकिन इस बीच उत्तर भारत में डेंगू बुखार ने कहर बरपा रखा है। इस समय यूपी, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्य भयंकर डेंगू की चपेट में हैं। डेंगू का प्रकोप चलते लोगों की गिर रही प्लेटलेट्स ने एक चीज की मांग को कई गुना बढ़ा दिया है। वह चीज है बकरी का दूध। बकरी के दूध की इन दिनों इतनी डिमांड है कि, उसके रेट में 10 गुना तक बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है।

200 से 300 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है बकरी का दूध
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में इन दिनों बकरी के दूध की डिमांड अचानक से बढ़ गई है। इसके चलते 30 से 40 रुपये किलो लीटर बिकने वाला दूध अब 200 से 300 रुपए प्रति लीटर बिक। वहीं आगरा जनपद के विभिन्न हिस्सों में बकरी पालन करने वालों ने भी दूध के रेट बढ़ा दिए हैं। अब ग्राहक से 50 रुपये लीटर की बजाए 200 और 500 रुपये लीटर की मांग हो रही है। कुछ गांवों में तो बकरी पालकों द्वारा एक से डेढ़ हजार रुपये लीटर तक की दर से दूध की आपूर्ति किए जाने की चर्चा है।
Recommended Video

बकरी का दूध पीने से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है?
दरअसल डेंगू की वजह से बीमार व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या लगातार गिरती रहती है। लोगों में यह भ्रम है कि बकरी का दूध पीने से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है। इसलिए, मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ बकरी के दूध की मांग भी बढ़ रही है। छतरपुर के रहने वाले दिनेश यादव ने कहा कि उनका भाई पिछले छह दिनों से कम प्लेटलेट काउंट के चलते अस्पताल में भर्ती है। किसी ने मुझे उसके जल्दी ठीक होने के लिए बकरी का दूध लाने के लिए कहा। मैं पास के एक गाँव से 200 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दूध लाया हूँ। उन्होंने बताया कि, ऐसा मानते हैं कि बकरी का दूध गाय या भैंस की तुलना में अधिक पौष्टिक और आयरन और कैल्शियम से भरपूर होता है।

क्या कहते हैं डॉक्टर
बकरी का दूध डेंगू के मरीज के लिए वास्तव में फायदेमंद है या नहीं, इस बारे में पूछे जाने पर जिला अस्पताल में पदस्थ मेडिसन डॉक्टर अभय सिंह ने बताया कि इसका कोई प्रमाण नहीं है। हो सकता है कुछ मरीजों को फायदा मिला हो, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि बकरी के दूध पीने से डेंगू का मरीज ठीक हो जाता है। यह सिर्फ एक मिथक है।

बकरी का दूध इसलिए होता है गुणकारी
वहीं कई डॉक्टर्स का मानना है कि, डेंगू पीड़ित मरीज को बकरी का दूध अथवा पपीता का जूस पिलाना ठीक नहीं है। इस पर अब तक कोई स्टडी नहीं की गई है। ऐसे में मरीज को बकरी का दूध पिलाना उचित नहीं है। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि यदि 10 में से 2 मरीज दूध पीने से ठीक हो गए तो इसे सही नहीं माना जाएगा। दरअसल बकरी के दूध में विटामिन बी-6, ए, बी-2, ए, सी एवं डी की मात्रा कम पाई जाती है। इसमें फोलेट बाइंड करने वाले अवयव की मात्रा ज्यादा होने से फोलिक एसिड नामक आवश्यक विटामिन होता है। बकरी के दूध में मौजूद प्रोटीन गाय, भैंस की तरह जटिल नहीं होता। इसी वजह से इसे पचाना ज्यादा मुश्किल नहीं होता।

Fact Check
दावा
लोगों में यह भ्रम है कि बकरी का दूध पीने से शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या बढ़ती है।
नतीजा
इसका कोई प्रमाण नहीं है। हो सकता है कुछ मरीजों को फायदा मिला हो, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है कि बकरी के दूध पीने से डेंगू का मरीज ठीक हो जाता है। यह सिर्फ एक मिथक है।












Click it and Unblock the Notifications