Fact-Check: 'मेडिसिन जिहाद' वाली गोलियों का सच, क्या भारत में बनती है ऐसी दवा? जानिए हकीकत
भारत में एक वायरल क्लिप के लेकर 'मेडिसिन जिहाद' का दावा किया जा रहा है। कथित रूप से सोशल मीडिया पर इसको लेकर सावधान रहने की चेतावनी भी दी गई।

Fact-Check: सोशल मीडिया पर एक दवा को लेकर 'मेडिसिन जिहाद' फैलाने का दावा किया जा रहा है। यूजर्स वीडियो को टेक्स्ट के साथ शेयर कर रहे हैं। पोस्ट के साथ लिखा गया, "सावधान रहें, जिहाद का एक नया रूप शुरू हो गया है। इसका नाम 'मेडिसिन जिहाद' है। कृपया किसी भी कैप्सूल को खरीदने से पहले उसकी जांच अवश्य कर लें। यह वीडियो देखें "। सोशल मीडिया पर कैप्सूल के दो अलग-अलग केसिंग को अलग कर वीडियो बनाकर शेयर किया गया है।
'मेडिसिन जिहाद' के साथ शेयर किए गए दवा के वीडियो में नीले रंग के कैप्सूल का बॉक्स दिखाई दे रहा है। दवा का नाम 'एसोरल 20 एमजी' कैप्सूल दिखाया गया और लिखा गया कि ये प्रोटॉन पंप अवरोधक मेडिसिन है। इसके भारत में बनने का दावा किया गया। लेकिन जब दावे की पड़ताल की गई तो सच की कसौटी पर ये खरा नहीं उतरा।
दवा के कीवर्ड से जब गूगल पर सर्च करने पर YouTube पर एक वीडियो मिला। जिसे देखने पर पता चला कि दवा सिटी फार्मास्युटिकल लेबोरेटरीज द्वारा निर्मित की गई थी, जो कि पाकिस्तान के कराची में स्थित है। इसके अलावा इसी दवा के कीवर्ड से पता चला कि बांग्लादेश में Eskayef Pharmaceuticals Limited नाम की कंपनी में भी ये दवा बनती है। कंपनी की वेबसाइट पर भी ये प्रोडक्ट उपलब्ध था। इस कंपनी की चार प्रोडक्ट्स बांग्लदेश में बनते हैं।
पड़ताल में पता चला कि वीडियो में दिख रही दवाओं का नाम Esoral 20 mg और Enterofuryl 200 mg है। इनमें से कोई भी दवा भारत में निर्मित या बेची नहीं जाती है। Esoral 20 mg पाकिस्तान और बांग्लादेश में निर्मित और बेचा जाता है, जबकि Enterofuryl 200 mg बोस्निया और हर्जेगोविना में बनाया जाता है। ऐसे में वायरल दावा पड़ताल में फर्जी पाया गया। वीडियो में दिख रही दवा को भारत में नहीं बनाई जाती ।

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि Esoral 20 mg और Enterofuryl 200 mg नाम की दवा के जरिए भारत में मेडिसिन जिहाद लाने का प्रयास जा रहा है।
नतीजा
वायरल पोस्ट में किया गया दवा पड़ताल में फर्जी पाया गया। भारत में Esoral और Enterofuryl नाम की दवा नहीं बनती है।












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