Fact Check: PM मोदी के स्वागत के लिए कूनो नेशनल पार्क में काटे गए पेड़? जानिए वायरल दावे की सच्चाई
नई दिल्ली, सितंबर 24। जब से नामीबिया से 8 चीते भारत लाए गए हैं, तभी से सोशल मीडिया पर चीतों को लेकर कई तरह की भ्रामक जानकारियां लगातार शेयर की जा रही हैं जो लोगों को कन्फ्यूज कर रही हैं कि आखिर वो सही हैं या फिर गलत। ऐसी ही एक जानकारी पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि जब पीएम मोदी मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीतों को छोड़ने के लिए पहुंचे तो उससे पहले उनके स्वागत के लिए पार्क में बहुत बड़ी संख्या में पेड़ काटे गए थे।

क्या कहा जा रहा है वायरल रिपोर्ट में?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही 'द एशियन एज' की एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी और अन्य अतिथियों के स्वागत के लिए पार्क में तंबू लगाए गए थे, जिसके लिए बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की गई। रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के हैलीपैड बनाया गया, जिसके लिए पेड़ काटे गए। रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि कूनो नेशनल पार्क में पीएम मोदी के अलावा 300 अतिथि भी पहुंचे थे।

क्या है वायरल रिपोर्ट की सच्चाई?
इस वायरल रिपोर्ट के बाद सोशल मीडिया पर कई लोग पीएम मोदी की आलोचना कर रहे हैं, लेकिन अगर आप भी इस जानकारी के सच मानकर बैठे हैं तो आपको इसकी हकीकत के बारे में जान लेना चाहिए। दरअसल, वन विभाग के अधिकारियों ने वायरल रिपोर्ट को पूरी तरह से फर्जी बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि कूनो नेशनल पार्क में पीएम मोदी के स्वागत के लिए एक भी पेड़ नहीं काटा गया था और ना ही उस कार्यक्रम में 300 अतिथि शामिल थे। सेसैपुरा एफआरएच और टूरिज्म जंगल लॉज में पीएम मोदी के रहने की व्यवस्था की गई थी।
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17 सितंबर को भारत आए आठ चीते
आपको बता दें कि नामीबिया से आठ चीते 17 सितंबर को भारत लाए गए थे। पीएम मोदी ने इन आठ चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। इनमें पांच मादा और तीन नर चीते शामिल थे। इन आठ चीतों के आने के बाद करीब 70 साल बाद भारत में फिर से चीते दिखाई दिए। आजादी के बाद ही भारत में चीतों की प्रजाति विलुप्त हो गई थी।

Fact Check
दावा
media report in 'The Asian Age' claims that a large no of trees were cut in Kuno Wildlife Sanctuary is false
नतीजा
media report in 'The Asian Age' claims that a large no of trees were cut in Kuno Wildlife Sanctuary is false












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