Loco Pilot Umbrella के साथ वंदे भारत ट्रेन में दिखा! क्या है इस वायरल फोटो की सच्चाई? फैक्ट चेक में जानिए
सोशल मीडिया पर वायरल फोटो में दावा किया गया है कि वंदे भारत एक्सप्रेस का पायलट छतरी के साथ देखा गया है। फैक्ट चेक के दौरान इस वीडियो-फोटो की हकीकत कुछ और निकली। जानिए पूरा मामला

Loco Pilot Umbrella: 25 अप्रैल को, पीएम नरेंद्र मोदी ने केरल में भारत की 16 वीं वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन किया। हालांकि, कासरगोड-तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस नाम की इस ट्रेन की पहली यात्रा में कुछ अड़चनों का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कन्नूर में खड़ी होने के दौरान वंदे भारत के उद्घाटन के दिन बोगी में कथित तौर पर पानी के रिसाव की खबरें सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने हाथ में छाता लिए ट्रेन के इंजन के अंदर बैठे लोको पायलट (ट्रेन ड्राइवर) की चौंकाने वाली तस्वीर शेयर की।
कथित तौर पर, यह केरल की पहली वंदे भारत यात्रा का लोको पायलट था जिसने खुद को लीक होने वाले पानी से बचाने के लिए छतरी का इस्तेमाल किया था। लोगों ने सरकार के दावों को खोखला बताते हुए तीखी टिप्पणी भी की।
एक व्यक्ति ने ट्वीट किया, "प्रिय नरेंद्र मोदी कृपया चीजें बनाना बंद करें। स्पष्ट रूप से आप कुछ भी ठीक करने में पूरी तरह से अक्षम हैं। उद्घाटन के पहले दिन 'वंदे भारत' केरल में वीबी की छत से बारिश का पानी रिसने लगा। एक तस्वीर एक हजार शब्द के बराबर है।"
हालांकि, वायरल दावे की पड़ताल में पाया गया कि विवादित तस्वीर कई साल पुरानी है और वंदे भारत से बिल्कुल भी संबंधित नहीं है। फैक्ट चेक में वायरल तस्वीर को रिवर्स इमेज सर्च फीचर की मदद से परखा गया।
पत्रकार-कार्यकर्ता सुचेता दलाल ने 9 अगस्त, 2017 को इसे ट्वीट किया था। ट्वीट की गई वीडियो में वही लोको पायलट छाते के साथ दिख रहा है। दलाल ने उस ट्वीट में तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल मंत्रालय को टैग किया था।
वीडियो में, एक आदमी की आवाज भी सुनी गई जो, संभवतः सहायक लोको पायलट की है। लोको पायलट को खराब कामकाजी परिस्थितियों के बारे में शिकायत करते सुना जा सकता है। उन्होंने दर्शकों से इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने की अपील की।
बता दें कि पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को पीएम मोदी ने 15 फरवरी, 2019 को लॉन्च किया था। ऐसे में यह स्पष्ट हो गया कि वीडियो इस ट्रेन से संबंधित नहीं हो सकती। पहले वंदे भारत को "ट्रेन 18" के नाम से जाना जाता था।
वीडियो कहां का है?
वायरल दावे की पड़ताल के दौरान द इंडियन एक्सप्रेस और इंडिया टाइम्स की पुरानी रिपोर्ट्स भी मिलीं, जिनमें इसी तस्वीर का इस्तेमाल हुआ है। 11 अगस्त, 2017 को प्रकाशित, दोनों रिपोर्ट्स में उल्लेख है कि वीडियो धनबाद, झारखंड के पास बनाया गया था।
वीडियो में लोको पायलट झारखंड के बोकारो जिले का भी जिक्र है। चंद्रपुरा के बीके मंडल का नाम सुना जा सकता है। वीडियो में "बेरमो" स्टेशन भी दिखा। बेरमो रेलवे स्टेशन झारखंड के बोकारो जिले में है जो पूर्व-मध्य रेलवे क्षेत्र के धनबाद रेलवे डिवीजन के अंतर्गत आता है।
वायरल वीडियो के जवाब में रेल मंत्रालय का एक ट्वीट भी मिला, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि इंजन बंद था (काम नहीं कर रहा था) और आगे चल रहे दूसरे इंजन द्वारा खींचा जा रहा था, जैसा कि वीडियो में देखा जा सकता है।
केरल के वंदे भारत का क्या हुआ?
फैक्ट चेक के दौरान केरल की वंदे भारत एक्सप्रेस में पानी के रिसाव से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स भी दिखीं। इनमें से किसी भी रिपोर्ट में छतरी के नीचे बैठे लोको पायलट का कोई उल्लेख या फोटो नहीं था।
एशियानेट और मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, केरल के कुन्नूर जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दिन 25 अप्रैल को भारी बारिश हुई। उस रात कासरगोड से ट्रेन के कन्नूर आने के बाद रिसाव देखा गया था।
इस मामले में इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार कथित तौर पर एसी वेंट के माध्यम से रिसाव पाया गया था। पलक्कड़ डिवीजन, देवधनम के जनसंपर्क अधिकारी ने से पुष्टि की है कि रिसाव एसी वेंट में था और मरम्मत का काम 26 अप्रैल की सुबह तक पूरा हो गया था।

Fact Check
दावा
वंदे भारत ट्रेन में लोको पायलट छाता लेकर चल रहा है। वायरल तस्वीर की पड़ताल।
नतीजा
फैक्ट चेक में ट्रेन के इंजन के अंदर छाता लिए लोको पायलट की तस्वीर केरल के पहले वंदे भारत की नहीं है।












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