Fact Check: क्‍या पश्चिम बंगाल सरकार ने मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दिया है ?

फैक्‍ट चेक: क्‍या पश्चिम बंगाल सरकार ने मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दी है?

कोलकाता,14 मार्च । सोशल मीडिया पर एक खबर जमकर वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्‍य के मुस्लिम व्‍यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दिया है। आइए जानते है आखिर इस वायरल मैसेज की सच्‍चाई क्‍या है?

 राज्य के मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दिया है

राज्य के मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दिया है

बता दें पश्चिम बंगाल की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को वित्त विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी सौंपे जाने के कुछ दिनों बाद 11 मार्च को राज्य विधानसभा में अपना पहला बजट पेश किया। इस बीच, सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट वायरल हो गया है जिसमें दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल सरकार राज्य के मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दिया है।

ममता सरकार उनके जीएसटी का भुगतान करेगी

ममता सरकार उनके जीएसटी का भुगतान करेगी

फेसबुक और ट्विटर पर सोशल मीडिया यूजर्स ने एक हिंदी स्क्रीनशॉट शेयर किया है जिसमें लिखा है, 'मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ कर दिया गया है। ममता सरकार उनके जीएसटी का भुगतान करेगी।

मुसलमानों का कारोबार प्रभावित हुआ है

मुसलमानों का कारोबार प्रभावित हुआ है

टेक्स्ट में आगे लिखा गया है, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। ममता सरकार के मुताबिक जीएसटी लागू होने से मुसलमानों का कारोबार प्रभावित हुआ है! इसलिए उनकी सरकार मुस्लिम व्यवसायियों के सभी बकाया करों का भुगतान करेगी। यानी उनके टैक्स माफ कर दिए गए हैं।

बंगाल वास्तव में एक इस्लामिक राज्य बन गया है

बंगाल वास्तव में एक इस्लामिक राज्य बन गया है

बंगाल में मुस्लिम समुदाय की आबादी 35 फीसदी तक पहुंच गई है. ऐसे में किसी भी सरकार को बनाने या भंग करने का नियंत्रण उन्हीं के हाथ में होता है. ममता के नेतृत्व वाली सरकार का यह विशेष निर्णय साबित करता है कि बंगाल वास्तव में एक इस्लामिक राज्य बन गया है।

जानें इस वायरल मैसेज की सच्‍चाई क्‍या है

जानें इस वायरल मैसेज की सच्‍चाई क्‍या है

इंडिया टुडे एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पाया कि स्क्रीनशॉट की सामग्री बिल्कुल भी सच नहीं है। पश्चिम बंगाल सरकार ने न तो ऐसा कोई फैसला लिया है और न ही इसकी घोषणा की है। ऐसी कोई मीडिया रिपोर्ट नहीं थी जो इस दावे का समर्थन करती हो। यह संभावना नहीं है कि राज्य सरकार का इतना बड़ा फैसला समाचार आउटलेट्स द्वारा रिपोर्ट नहीं किया जाएगा।

चार साल पहले भी ऐसी ही न्‍यूज क्लिप सर्कुलेट हुई थी

रिसर्च में ये भी पाया गया कुछ 4 साल पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में भी यही दावा किया गया था। एक ट्विटर यूजर ने 14 जुलाई, 2018 को एक हिंदी अखबार का कटिंग पोस्ट किया था। जिस न्‍यूज के शीर्षक में लिखा था, "पश्चिम बंगाल की राज्य सरकार अब मुस्लिम व्यापारियों के करों का भुगतान करेगी।"

झूठी खबर पब्लिश की गई

रिपोर्ट से दावा किया गया कि राज्य के तत्कालीन वित्त मंत्री अमित मित्रा ने जीएसटी फाइल करने के लिए व्यापारियों को कुछ समर्थन देने की घोषणा की थी। लेकिन जांच में इससे समर्थित तथ्‍य सामने नहीं आए। चार साल पहले वायरल हुई इस खबर में व्यवसायियों" की हिंदी वर्तनी शीर्षक में गलत लिखा है, जो आमतौर पर मुख्यधारा के समाचार पत्रों में ऐसी गलती नहीं होती है।

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ने भी अफवाह बताया

अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री ने भी अफवाह बताया

इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल के अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री गुलाम रब्बानी ने भी इस दावे को खारिज कर दिया। उन्‍होंने कहा ये अफवाहें हैं जो विपक्ष द्वारा हमारे मुख्यमंत्री को बदनाम करने के लिए फैलाई गई हैं। जिस तरह से जीएसटी लागू किया गया उसकी हमारी पार्टी प्रमुख ने हमेशा निंदा की है। लेकिन मुसलमानों से जीएसटी हटाने जैसे दावों का कोई मतलब नहीं है।"

Fact Check

दावा

पश्चिम बंगाल सरकार ने मुस्लिम व्यापारियों के लिए जीएसटी माफ नहीं किया है ?

नतीजा

false

Rating

Misleading
फैक्ट चेक करने के लिए हमें [email protected] पर मेल करें
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+