Fact Check: जोशीमठ में नहीं हुआ इतना बड़ा भूस्खलन, शेयर करने से पहले जान लें फोटो की सच्चाई
Joshimath Sinking से जुड़ी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं। जिसमें से कई फेक हैं। ऐसे में आप भी उसे शेयर करने से पहले सच्चाई जान लें।

उत्तराखंड में बद्रीनाथ धाम का प्रवेश द्वार जोशीमठ मुश्किल हालात से गुजर रहा है। वहां पर लगातार मकानों, होटलों और अन्य इमारतों में दरार पड़ रही, जिस वजह से 700 से ज्यादा परिवार राहत शिविरों में शिफ्ट किए गए। हालांकि केंद्र और राज्य सरकार की टीमें लगातार वहां पर राहत कार्य चल रहीं। इस बीच कुछ अराजक तत्व सोशल मीडिया पर जोशीमठ से जुड़ी अफवाह भी फैला रहे हैं।
अब सोशल मीडिया पर पहाड़ की एक तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रही। जिसमें पहाड़ में हर ओर दरार पड़ी नजर आ रही। इसके अलावा कई जगहों पर बड़े पैमाने पर हुए भूस्खलन को दिखाया गया है। इस तस्वीर को इंस्टाग्राम पर 'उत्तराखंड घर परिवार' नाम के पेज ने शेयर किया। साथ ही बताया कि इस भूस्खलन की वजह से 600 से ज्यादा परिवारों को दूसरी जगह पर शिफ्ट किया जा रहा। लोग बिना सच्चाई जाने इसको वायरल कर रहे हैं।

जांच करने पर पता चला कि ये तस्वीर जोशीमठ की नहीं है। इसका भारत से भी कोई संबंध नहीं है। इसके बारे में पड़ताल करने पर पता चला कि ये पेरू की है। वहां के रक्षा मंत्रालय ने 16 मार्च, 2018 को इसे फोटो को शेयर किया था। साथ ही बताया कि वहां के लुस्को जिले में भारी भूस्खलन हुआ था, जिस वजह से बड़ी आबादी प्रभावित हुई। वहीं यूट्यूब पर एक वीडियो भी अपलोड किया गया था, जिसमें 5 बड़े भूस्खलन के बारे में बताया गया। इसमें पेरू की घटना का जिक्र है। ऐसे में साफ होता है कि ये उत्तराखंड या भारत की नहीं है।
जोशीमठ का क्या है हाल?
आपको बता दें कि जोशीमठ में 700 से ज्यादा घरों में बड़ी दरारें आ चुकी हैं, लेकिन कोई बड़ा भूस्खलन नहीं हुआ। ऐसे में उसमें रह रहे सभी लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही लोगों को मुआवजा दिया जा रहा।

Fact Check
दावा
जोशीमठ में हुआ बहुत बड़ा भूस्खलन।
नतीजा
वायरल तस्वीर पेरू की है।












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