Fact Check: क्या पेड़ के रूप में धड़क रहा भगवान जगन्नाथ का दिल? जानें वायरल पोस्ट की सच्चाई
भगवान जगन्नाथ से जुड़ी एक तस्वीर वायरल हो रही। जांच में पता चला कि वो पूरी तरह से फेक है।

सोशल मीडिया जानकारियों के आदान-प्रदान का बहुत ही बढ़िया जरिया है, लेकिन बहुत से लोग इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। अब सोशल मीडिया पर भगवान जगन्नाथ से जुड़ी एक पोस्ट वायरल हो रही, जिसको लोग सच मानकर तेजी से शेयर कर रहे। हालांकि भारत से उसका कोई लेना-देना नहीं है।
वायरल पोस्ट में एक पेड़ के आकार के बने दिल की तस्वीर है। कुछ लोगों ने दावा किया कि ये ओडिशा में स्थित भगवान जगन्नाथ के दिल की तस्वीर है। जिसे जगन्नाथ मंदिर में संभाल कर रखा गया। कई लोगों ने भी इसे सच मान लिया और इसको फटाफट अपने अकाउंट पर शेयर करने लगे।
एक यूजर ने लिखा कि भगवान कृष्ण का दिल आज भी पेड़ के रूप में धड़क रहा है, इसको जल्दी से शेयर करें। शेयर करने वालों की इच्छा पूरी होगी। एक अन्य यूजर ने लिखा कि जगन्नाथ मंदिर में भगवान के दिल को संभाल के रखा गया है। इसे आम लोगों को नहीं दिखाया जाता, पहली बार इसकी तस्वीर सामने आई है।
जांच करने पर पता चला कि वायरल तस्वीर का जगन्नाथ मंदिर से कोई लेना-देना नहीं है और ये भगवान जगन्नाथ से जुड़ी भी नहीं है। इसको रूस के एक कलाकार ने तैयार किया, जिनका नाम दिमित्री त्सिकालोव है। इसे पेड़ से बना आर्टिफिशियल दिल भी कहा जाता है। दिमित्री ने इसके लिए लकड़ी और पेड़ की छाल का इस्तेमाल किया था।
मंदिर से जुड़े हैं कई रहस्य
आपको बता दें कि भगवान जगन्नाथ का मंदिर ओडिशा में स्थित है। ये मंदिर भगवान जगन्नाथ जी (श्रीकृष्ण), बलदेव और देवी सुभद्रा को समर्पित है। वहां पर लकड़ी से बनी प्रतिमा की पूजा की जाती है। ये प्रतिमा हर 12 साल में बदली जाती है। रोचक बात ये है कि मूर्ति बदलने की प्रक्रिया कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में की होती है। सिर्फ मूर्ति बदलने वाले पुजारी को अंदर जाने की इजाजत रहती है।

Fact Check
दावा
पेड़ के रूप में धड़क रहा भगवान जगन्नाथ का दिल
नतीजा
वायरल तस्वीर फेक है।












Click it and Unblock the Notifications