Fact Check: श्रीलंका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में भारत ने नहीं किया हस्तक्षेप, उच्चायोग ने दिया जवाब
नई दिल्ली, 20 जुलाई; आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को आज नया राष्ट्रपित मिल गया। रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति चुने गए हैं। इसी बीच भारत पर श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने के आरोप लगे हैं। भारत सरकार ने बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने की भारत की कोशिशों की खबरों का खंडन किया। भारतीय उच्चायोग ने इसे पूरी तरह से "झूठा" और "निराधार" करार दिया है।

भारतीय उच्चायोग ने बुधवार को इस सिलसिले में ट्वीट करते हुए लिखा, "हमने श्रीलंकाई संसद में श्रीलंका के राष्ट्रपति पद के चुनाव के संबंध में श्रीलंका में राजनीतिक नेताओं को प्रभावित करने के लिए भारत की ओर से राजनीतिक स्तर पर प्रयासों के बारे में निराधार और विशुद्ध रूप से अटकलबाजी वाली मीडिया रिपोर्ट देखी हैं। हम इन मीडिया रिपोर्टों को पूरी तरह से गलत बताते हुए स्पष्ट रूप से इनकार करते हैं।
भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट कर आगे लिखा कि, ये मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह से झूठी है। यह स्पष्ट रूप से किसी की कल्पना की उपज हैं। हम यह बताना चाहते हैं कि भारत लोकतांत्रिक साधनों और मूल्यों, स्थापित संस्थानों के साथ-साथ संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार श्रीलंका के लोगों की आकांक्षाओं का समर्थन करता है, और किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं करता है।
वहीं दूसरी ओर कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के चुनाव जीतने के बाद राजधानी कोलंबो में फिर से प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शनकारी रानिल विक्रमसिंघे का विरोध कर रहे हैं। इस बार राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला रानिल विक्रमसिंघे, डलास अल्हाप्पेरुमा और वामपंथी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) के नेता अनुरा कुमारा दिसानायके के बीच था।
रानिल विक्रमसिंघे को श्रीलंका का नया राष्ट्रपति चुन लिया गया है। संसद की वोटिंग में उन्हें 134 वोट मिले हैं। बता दें कि डलास अल्हाप्पेरुमा को चुनाव में 82 वोट हासिल हुए हैं। 223 सदस्यों वाली संसद में 2 सांसदों ने वोट नहीं दिए जबकि 4 के वोट कैंसल कर दिए गए। श्रीलंका में 1978 के बाद से पहली बार राष्ट्रपति का चुनाव सांसदों द्वारा सीक्रेट वोटिंग के जरिए हुआ।

Fact Check
दावा
भारत ने श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित किया।
नतीजा
भारत सरकार ने बुधवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करने की भारत की कोशिशों की खबरों का खंडन किया। भारतीय उच्चायोग ने इसे पूरी तरह से "झूठा" और "निराधार" करार दिया है।












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