Fact- Check: क्या अडानी- अंबानी पर राहुल गांधी ने साधी चुप्पी? पीएम मोदी ने किया बड़ा दावा! जानिए सच
अडानी और अंबानी को लेकर राहुल गांधी पिछले काफी दिनों से केंद्र को निशाने पर ले रहे हैं। लेकिन अब दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस दिग्गज की अंबानी अडानी के मामले में चुप्पी साध ली है। ये दावा पीएम मोदी के एक बयान को लेकर किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पूर्व की केंद्र सरकार और चुनावी में उद्योगपतियों से लिए गए चंदे को लेकर सवाल खड़ा किया था। दरअसल, पीएम ने पहली बार तेलंगाना में बीजेपी की एक रैली में राहुल गांधी के अंबानी और अडानी जैसे बड़े दिग्गज उद्योगपतियों के बहाने केंद्र को निशाने लेने को लेकर सवाल उठाए।
इंटरनेट पर दावा किया जा रहा है कि तेलंगाना की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद राहुल गांधी ने गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की बोलना बंद कर दिया है। दरअसल, तेलंगाना के करीमनगर जिले में में हाल ही में एक रैली के दौरान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के बारे में बात की थी।

पीएम मोदी ने उद्योगपतियों पर आरोपों को लेकर क्या कहा?
करीमनगर में बीजेपी के रैली में पीएम मोदी ने कहा, "मित्रों, आपने देखा होगा कि पिछले पांच साल से कांग्रेस के युवराज (राहुल गांधी) सुबह उठते ही जप करना शुरू कर देते थे। जब से उनका राफेल मामला शांत हुआ है, उन्होंने एक नया राग छेड़ दिया है। पिछले पांच साल से वह पांच उद्योगपतियों का नाम जपते रहे। फिर वो धीरे-धीरे अंबानी-अडानी की बात करने लगे। लेकिन, जब से चुनाव घोषित हुए हैं, उन्होंने अंबानी और अडानी की आलोचना करना बंद कर दिया है। मैं आज तेलंगाना के लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या ये राजकुमार बता सकते हैं कि इस चुनाव के लिए उन्होंने अंबानी-अडानी से कितनी संपत्ति इकट्ठा की है? कितनी बोरी काला धन ले गये हो? क्या कांग्रेस के लिए नोटों से भरी वैन पहुंच गई है? ऐसी क्या बात हुई कि आपने रातों-रात अडानी-अंबानी की आलोचना बंद कर दी? यहाँ निश्चित रूप से कुछ गड़बड़ है।"
क्या यह सच है?
वन इंडिया की पड़ताल में पाया गया कि 20 अप्रैल से लेकर अब तक राहुल गांधी के भाषणों में राहुल गांधी ने गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का कई बार नाम लिया। ऐसे में इंटरनेट पर किया जा रहा दाव गलत है।
कैसे सच का पता चला?
कांग्रेस और राहुल गांधी के यूट्यूब पेज पर गए और 19 अप्रैल से लेकर अब तक के भाषणों में कांग्रेस दिग्गज ने कई बार उद्योगपतियों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा। 20 अप्रैल की बात करें तो बिहार के भागलपुर में अपने भाषण में 'अंबानी-अडानी' का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज अंबानी और अडानी के पास अकूत संपत्ति है, जबकि गरीबों, किसानों और मजदूरों के पास बड़ी आय नहीं है। 20 अप्रैल को ही अमरोहा में राहुल गांधी ने बताया कि कैसे गौतम अडानी के समूह का देश के हवाई अड्डों, बंदरगाहों, खदानों, बिजली, रक्षा उद्योग पर नियंत्रण है। जबकि 24 अप्रैल को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने अपने भाषण में दो उद्योगपतियों के खिलाफ बात की।
इसके अलावा 26 अप्रैल को राहुल गांधी ने कर्नाटक के बीजापुर, 28 अप्रैल को ओडिशा के केंद्रपाड़ा और दमन व दीव में अपनी जनसभाओं में उद्योगपतियों का नाम लिया। 29 को गुजरात के पाटन में कहा कि अडानी और अंबानी जैसे लोगों के पास 70 करोड़ भारतीयों जितनी संपत्ति है। इसके अलावा भी राहुल गांधी ने अपनी लगभग सभी चुनावी जनसभाओं में अंबानी और अडानी के बहाने केंद्र को निशाने पर लिया।
ऐसे में पीएम मोदी का यह दावा कि राहुल गांधी ने अपने भाषणों में अंबानी-अडानी का नाम लेना बंद कर दिया है, झूठा है।

Fact Check
दावा
दावा किया जा रहा है कि तेलंगाना की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद राहुल गांधी ने गौतम अडानी और मुकेश अंबानी की बोलना बंद कर दिया है।
नतीजा
पीएम मोदी का यह दावा कि राहुल गांधी ने अपने भाषणों में अंबानी-अडानी का नाम लेना बंद कर दिया है, झूठा है। राहुल गांधी ने अपनी सभी चुनावी रैलियों में अंबानी, अडानी के बहाने केंद्र को निशाने पर लिया।












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