Fact Check : क्या ठेले वाले मजदूर पर गुजरात पुलिस ने चलाई लाठी ? जानिए खाकी के अमानवीय कृत्य की पूरी हकीकत
बिहार पुलिस कॉन्सटेबल के बर्बर कृत्य की वीडियो वायरल हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिस के लाठी चलाने पर सवाल खड़े किए हैं। पहले वीडियो गुजरात की बताई गई, लेकिन फैक्ट चेक में मामला कुछ और निकला। जानिए पूरा माजरा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी फ्लाईओवर पर ठेले वाले मजदूर को पीटता दिखा। क्लिप को शेयर करने वाले यूजर्स ने दावा किया कि घटना गुजरात की है, जहां अभी-अभी विधानसभा चुनाव संपन्न हुए हैं। बता दें कि चुनाव में बीजेपी को ऐतिहासिक जीत मिली है। प्रचंड बहुमत से जीतने वाली भाजपा की आलोचना करने वाले सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो क्लिप शेयर करने के साथ हैशटैग #GujaratModel का इस्तेमाल किया।
भाजपा के आलोचकों ने बिहार के ट्रैफिक कॉन्सटेबल की वीडियो शेयर करने के साथ-साथ हैशटैग Gujarat_Boycott_BJp और BJPCheatsGujarat जैसे जुमलों का इस्तेमाल भी किया।
रोचक बात ये कि जब गुजरात चुनाव की तैयारी चल रही थी तब ट्रैफिक कॉन्सटेबल की वीडियो गुजरात की बताते हुए सोशल मीडिया पर शेयर की गई। गत 27 साल से गुजरात में विधानसभा चुनाव नहीं हारने वाली बीजेपी को इस बार 156 सीटों पर जीत मिली है। 1960 में गुजरात राज्य गठन के बाद से यह किसी भी पार्टी की सबसे बड़ी जीत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के बाद एक ट्वीट में कहा, "गुजरात को धन्यवाद। अभूतपूर्व चुनाव परिणामों को देखकर मैं बहुत सारी भावनाओं से अभिभूत हूं। लोगों ने विकास की राजनीति को आशीर्वाद दिया और साथ ही इच्छा व्यक्त की कि वे चाहते हैं कि यह गति अधिक गति से जारी रहे। मैं गुजरात की जन शक्ति को नमन करता हूं।"
चुनाव परिणाम के बीच ट्रैफिक पुलिस की बर्बरता का जिक्र करते हुए वीडियो गुजरात में भाजपा के मॉडल का उदाहरण बताते हुए शेयर की गई। वनइंडिया की पड़ताल में पता चला कि वीडियो के साथ किया गया दावा फर्जी है। चुनाव से पहले गुजरात के लोगों के बीच भाजपा की गलत छवि पेश करने की नीयत और वोटर्स को गुमराह करने के इरादे से ये वीडियो शेयर की गई। फैक्ट चेक में हमने पाया कि Viral Video क्लिप गुजरात नहीं बिहार की राजधानी पटना के राजेंद्र नगर-बहादुरपुर ब्रिज का है।
वीडियो को करीब से देखने पर बैकग्राउंड में एक होर्डिंग पर लिखा है, 'अब पटना में।' गूगल सर्च करने पर नवभारत टाइम्स के यूट्यूब अकाउंट से पोस्ट वीडियो मिली। इसके डिस्क्रिप्शन में साफ लिखा है कि ये मामला बिहार का है।
पत्रकार आनंद सिंह के एक ट्वीट से भी वीडियो गुजरात के बजाय बिहार का होने की पुष्टि हुई। उन्होंने 26 नवंबर को वीडियो शेयर कर लिखा था कि फ्लाईओवर पर रिक्शा-ठेला चलाने की अनुमति नहीं। पुल का इस्तेमाल करने के लिए ठेला खींचने वाले की पिटाई की गई। उन्होंने बिहार पुलिस @bihar_police को टैग कर सवाल किया, क्या आप वर्दी में अपने जवानों के इस कृत्य को सही ठहरा सकते हैं?
बकौल आनंद सिंह, कुछ मिनट पहले पटना के राजेंद्रनगर बहादुरपुर ब्रिज पर यह मेरी आंखों के सामने हुआ। जब मैंने पूछा कि रिक्शे वाले को क्यों पीटते हैं, तो आपके आदमी यह जानने के लिए ज्यादा उत्सुक थे कि हम कौन हैं और हमने वीडियो क्यों बनाया। उन्होंने वीडियो शेयर कर ट्विटर पर लिखा कि उन्होंने खुद ही वीडियो रिकॉर्ड की।
बता दें कि आनंद सिंह का वीडियो ट्वीट वायरल हो गया। कई लोगों ने पुलिस के लोगों के साथ व्यवहार करने के तरीके पर सवाल उठाया। पूरे मामले को देखते हुए वन इंडिया हिंदी के फैक्ट चेक में निष्कर्ष निकला है कि जिस वीडियो को इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि गुजरात में पुलिसकर्मी रिक्शा चालक को पीटता दिख रहा है, गुजरात का नहीं, बिहार की राजधानी पटना का है।

Fact Check
दावा
गुजरात में फ्लाईओवर पर रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई करता पुलिसकर्मी
नतीजा
वीडियो पटना का है और 26 नवंबर को शूट किया गया है












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