चुनाव के पहले और चुनाव के बाद

हमसे अपने कदम नहीं रोके गये और पहुच गये हकीम साहब के शफाखाने पर......। वहां हमने देखा कि कुछ नेता टाइप लोग लम्बा कुर्ता पहिने पहले से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।हमनें भी वहाँ बैठे एक श्रीमान जी को अपना नाम लिखाया और अपनी बारी के इंतजर में बैठ गये।
हमने देखा कि वहाँ पहले से मौजूद लोग एक-एक करके अपनी बारी आने पर अंदर जाते और हकीम साहब के पास से हाथों में कुछ पुडिया का पैकेट लेकर प्रसन्न मुद्रा में सीना फुलाकर बाहर निकलते मानो कि चुनाव के सबसे बडे पहलवान वे ही हॊं और उनके सामने सभी चींटी के बराबर ही हैं।
हम इतमिनान से उनके चेहरों को पढ़ रहे थे। जब भी कोई व्यक्ति अन्दर जाता तो मुँह लटकाए जाता था लेकिन बाहर निकलते समय अजीब सा आत्मवि्श्वास और चेहरे पर नई चमक लिऐ हुऐ ही बाहर निकल रहा था।ऐसा लगता था जैसे चुना आयोग से नियुक्ति पत्र ही मिल गया हो।
हमने जैसे ही हकीम साहब के कक्ष में प्रवेश किया तो सामने भैय्या जी को देख कर हम चौकें और न चाहते हुऐ भी मुँह से निकल ही गया-अरे भैय्या जी आप और यहाँ.....हकीम तख्ता सिंह..... आखिर माजरा क्या है...? वे तुरन्त हमारे मुँह पर हा्थ रखते हुऐ बोले -धीरे... कोई सुन लेगा तो सब करा धरा चौपट हो जाऐगा..! मैने उन्हें आश्वस्त किया कि अब बाहर कोई नहीं है मैं आज आपका अन्तिम फौकट का ग्राहक हूँ। आखिर ये माजरा क्या है.....? आप अचानक भैय्या जी से हकीम तख्ता सिंह कैसे बन गये......? नेताओं में ताकत और मजबूती की दवा का नुस्खा आखिर आपको कहाँ से मिल गया.....?
भैय्या जी बडे ही सहज भाव में बोले-नुस्खा-वुस्खा कुछ नहीं है बस यूँ ही पापी पेट का सवाल है......बस। हम कुछ समझ नहीं पा रहे थे। हमने वहाँ रखे कुछ पारादर्शी डिब्बों की तरफ इशारा करते हुऐ उनसे पूछा- इन डब्बों में रंग बिरंगा पाउडर जो भरा है ,यह सब क्या है.....?
वे सर खुजलाते हुऐ बोले - आप भी क्यों पीछे पडे हैं भला .....इनमें ऐसा कुछ भी नहीं है जो लोगों के स्वास्थ पर बुरा असर दिखाए। समाचार पत्रों में रोजाना आ रहा था कि अमुक नेता कमजोर है, फलां उम्मीदवार कमजोर है, प्रधानमन्त्री तक कमजोर माने जा रहे हैं इसलिए मैंने सोचा क्यों न ऐसी दवा ईजाद की जाए जिससे कोई भी इस चुनाव में अपने आपको कमजोर महसूस नहीं करे, बस....। यही सोच कर कुछ दवा बनाई है। इन पारदर्शी डब्बों में भ्रष्टाचार, झूठ, मक्कारी और बेहयापन का सत्व हमने इकट्ठा किया है जिसके सेवन से ईमानदार से ईमानदार नेता में भी नेतागिरी के वास्तविक गुण आज ाते हैं। जिससे वह बिना शर्मोहया के चुनाव लड़ सकता है।
भैय्या जी की बात भी सही है। तभी तो कल तक किसके किसीके साथ कैसे सम्बन्ध थे वे सब इतिहास की बाते हो गई है। और आज फिर एक नई समीकरण बन रही है। चुनाव के बाद की क्या समीकरण होगी वह तो चुनाव के बाद ही पता लगेगा कि कौन किसको गले लगाता है और कौन अपने चुनावी वादों पर कायम रह पाता है।
यह तो वक्त ही बतायेगा....
-
Droupadi Murmu vs Mamata Banerjee: राष्ट्रपति के अपमान पर भाजपा–तृणमूल आमने-सामने, क्या कहता है प्रोटोकॉल? -
Karnataka Budget 2026: सिद्धारमैया के बजट पर भड़की बीजेपी, बेंगलुरु में भारी प्रदर्शन -
Kerala Elections 2026: केरल चुनाव से पहले कोच्चि पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त, BLO के लिए कही ये बात -
गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमत के विरोध में NCP ने किया 'चूल्हा जलाओ' प्रोटेस्ट, नेताओं ने सड़क पर पकाई रोटियां -
हरिद्वार में गरजे अमित शाह, एक- एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालेंगे, राहुल गांधी को लेकर भी कही बड़ी बातें -
हरिद्वार से अमित शाह का शंखनाद, बंगाल और तमिलनाडु में बनेगी भाजपा सरकार, देवभूमि में भी लगेगी हैट्रिक -
धामी के चार साल: अमित शाह का हरिद्वार दौरा, तीन बड़े कार्यक्रम, कोर बैठक भी, 2027 को लेकर इन बड़े फैसले पर नजर -
Tamil Nadu Election: चुनावी राजनीति में विजय की एंट्री से बीजेपी और DMK में से किसे होगा ज्यादा नुकसान? -
अमित शाह का हरिद्वार दौरा, धामी सरकार के 4 साल पूरे होने पर 1100 करोड़ से अधिक की योजनाओं की दी सौगात -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में मौसम का डबल अटैक! अगले 48 घंटों में आने वाला है नया संकट, IMD ने जारी किया अलर्ट -
Weather Delhi NCR: दिल्ली में मौसम का डबल अटैक! अगले 24 घंटों में आने वाला है नया संकट, IMD ने जारी किया अलर्ट -
Silver Price Today: चांदी में बड़ी गिरावट! 29000 रुपये सस्ती, 36 दिन में ₹1.25 लाख गिरे दाम, क्या है रेट?












Click it and Unblock the Notifications