Asha Bhosle Favorite Food: जब संगीत के साज छोड़ कढ़ाई थामती थीं आशा ताई, उनकी फेवरेट डिश जिसमें बसती थी जान
Asha Bhosle Favorite Food: भारतीय संगीत के क्षितिज पर चमकता वो सितारा, जिसने अपनी आवाज से पूरी दुनिया को अपना दीवाना बनाया, असल जिंदगी में रसोई की भी उतनी ही बड़ी 'उस्ताद' थी। जी हां...हम बात कर रहे हैं आशा भोंसले की, जिनकी पहचान केवल 11,000 गानों तक सीमित नहीं थी, बल्कि उनकी उंगलियों के जादू का लोहा बॉलीवुड के बड़े-बड़े सितारे भी मानते थे।
आज जब आशा ताई हमारे बीच नहीं रहीं, तो उनके सुरों के साथ-साथ उनके हाथों के उस स्वाद की भी चर्चा हो रही है, जिसने 'आशाज़' (Asha's) जैसे इंटरनेशनल रेस्टोरेंट चेन की नींव रखी।

आशा भोंसले के सुर जब मिलते थे मसालों से: बेहतरीन गायिका, बेमिसाल कुक
आशा भोंसले ने 1947 से अब तक 20 से अधिक भाषाओं में सोलो, युगल और कोरस मिलाकर करीब 11,000 गाने रिकॉर्ड किए, जिसके लिए उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। लेकिन बॉलीवुड के गलियारों में एक और बात मशहूर थी-क्या आशा जी वैसा ही खाना बनाती हैं जैसा वो गाती हैं?
जवाब है- बिल्कुल हाँ! फिल्मी हस्तियां गवाह हैं कि आशा ताई के घर की दावत किसी अवॉर्ड फंक्शन से कम नहीं होती थी। अक्सर लोग पूछते थे कि क्या वे खाना बनाते समय गुनगुनाती भी हैं? तो उन्होंने एक बार मुस्कुराते हुए कहा था कि खाना बनाना उनके लिए एक साधना है, जिसमें वे पूरी तरह डूब जाती हैं।
महाराष्ट्रीयन 'सोल कढ़ी' में बसती थी उनकी जान
खालिस मराठी परिवार में जन्मीं आशा ताई एक पुराने इंटरव्यू में अपनी सबसे पसंदीदा डिश का खुलासा किया था। उन्होंने बताया था कि वह शुद्ध महाराष्ट्रीयन खाने की शौकीन हैं।
सोल कढ़ी (Sol Kadhi): नारियल के दूध और कोकम का यह मिश्रण उनकी जान था। वे इसे पूरी तरह पारंपरिक महाराष्ट्रीयन स्टाइल में खुद अपने हाथों से बनाना पसंद करती थीं।
चकाचौंध भरी दुनिया में रहने के बावजूद उन्हें सादा दाल-चावल और घर का बना 'मिर्च का अचार' सबसे ज्यादा सुकून देता था। अगर बात नॉन-वेज खाने की हो, तो 'चिकन कीमा' उनकी खासियतों में से एक था, जिसे खाने के लिए बॉलीवुड के कई दिग्गज उनके घर के चक्कर लगाया करते थे।
आनंद बख्शी, मजनू सुल्तानपुरी जैसे मशहूर गीतकार हो या देव साहब (देव आनंद) जैसे एक्टर अक्सर उनके घर आते-जाते रहते थे। राजेश खन्ना जैसे सुपरस्टार भी उनके खाने के मुरीद थें।
रेस्टोरेंट चेन 'Asha's': स्वाद को दी ग्लोबल पहचान
खाना बनाने के प्रति उनके इसी जुनून ने 'Asha's' नाम की अवार्ड विनिंग रेस्टोरेंट चेन को जन्म दिया। दुबई से लेकर बर्मिंघम तक फैली इस चेन में परोसा जाने वाला हर मसाला और रेसिपी खुद आशा ताई की देखरेख में तैयार की गई है। उन्होंने साबित किया कि एक कलाकार केवल कान ही नहीं, बल्कि आत्मा (पेट के जरिए) को भी तृप्त कर सकता है।
एक युग का अंत, पर महक रहेगी बरकरार
आज भले ही सुरों का ये कारवां रुक गया हो, लेकिन आशा ताई की आवाज की गूँज और उनके हाथों के स्वाद की महक हमेशा हमारे बीच रहेगी। वे एक ऐसी हस्ती थीं जिन्होंने सिखाया कि कला केवल माइक पर नहीं, बल्कि रसोई की आंच पर भी पैदा की जा सकती है।












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