UP Board: कब से शुरू होगी यूपी बोर्ड की कॉपियों की जांच? हाईटेक निगरानी में 1.5 लाख परीक्षक करेंगे मूल्यांकन
UP Board Exam Evaluation: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जल्द शुरू होने जा रहा है। इस साल 3 करोड़ से ज्यादा कॉपियों की जांच की जाएगी।
परीक्षा में 51 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनके रिजल्ट तैयार करने के लिए 261 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं। यूपी बोर्ड ने यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं कि कॉपियों की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो।

बोर्ड ने इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी केंद्रों पर हाईटेक निगरानी की व्यवस्था की है। हर मूल्यांकन केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे और वॉइस रिकॉर्डर लगाए गए हैं, ताकि कॉपियों की जांच के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। मूल्यांकन का कार्य 19 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा।
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CCTV और वॉइस रिकॉर्डर से होगी निगरानी
मूल्यांकन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों में वॉइस रिकॉर्डर भी होंगे, जिससे पूरे मूल्यांकन कार्य पर नजर रखी जा सके। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि कॉपियों की जांच में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
1.5 लाख परीक्षक करेंगे मूल्यांकन
कॉपियों की जांच के लिए इस बार करीब 1.5 लाख परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। इन परीक्षकों को बोर्ड के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।
मूल्यांकन के लिए तय किए गए नियम
बोर्ड ने परीक्षकों के लिए मूल्यांकन के दिशानिर्देश भी जारी किए हैं:
- इंटरमीडिएट कला विषय: एक परीक्षक प्रतिदिन 80 और पूरी अवधि में 800 से अधिक कॉपियां नहीं जांच सकेगा।
- इंटरमीडिएट अन्य विषय: प्रतिदिन 45 और कुल 600 कॉपियां जांचने की सीमा तय की गई है।
- हाई स्कूल: परीक्षक प्रतिदिन 50 और पूरी अवधि में 700 से अधिक कॉपियां नहीं देख सकेगा।
छात्रों को मिलेगी निष्पक्ष जांच की गारंटी
बोर्ड की ओर से किए गए इन सख्त उपायों का मुख्य उद्देश्य मूल्यांकन में किसी भी प्रकार की गलती को रोकना है। हाईटेक निगरानी के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कॉपियों की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो। इससे छात्रों को भी भरोसा मिलेगा कि उनके उत्तर पुस्तिकाओं की जांच सही और न्यायसंगत तरीके से की जा रही है।
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