NIRF Ranking 2025: कैसे तय की जाती है टॉप यूनिवर्सिटी और कॉलेज की रैंकिंग? आसन भाषा में समझिए प्रोसेस
NIRF Ranking 2025: देशभर के लाखों छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजरें अब NIRF रैंकिंग 2025 पर टिकी हैं। शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि इस साल की रैंकिंग 4 सितंबर को जारी की जाएगी। इस लिस्ट में देश के टॉप विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और मेडिकल संस्थानों के साथ मैनेजमेंट, लॉ और अन्य कैटेगरी के बेस्ट संस्थानों का नाम शामिल होगा।
हर साल की तरह इस बार भी यह रैंकिंग छात्रों को बेहतर विकल्प चुनने में मदद करेगी और संस्थानों को अपनी गुणवत्ता सुधारने का मौका देगी। शिक्षा मंत्रालय सभी कैटेगरी की लिस्ट आधिकारिक वेबसाइट nirfindia.org पर उपलब्ध कराएगी।

दसवां संस्करण होगा जारी
NIRF रैंकिंग का यह दसवां संस्करण होगा। यह रैंकिंग हर साल देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के प्रदर्शन के आधार पर जारी की जाती है। इसमें विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और रिसर्च संस्थानों को तय मानकों पर आंका जाता है।
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16 कैटेगरी में होगी रैंकिंग
इस बार भी रैंकिंग 16 कैटेगरी में जारी होगी, जिनमें ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, मेडिकल, डेंटल, लॉ, आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग, एग्रीकल्चर एंड अलायड सेक्टर, इन्नोवेशन, ओपन यूनिवर्सिटी, स्किल यूनिवर्सिटी और स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटी शामिल हैं।
कब शुरू हुई थी NIRF रैंकिंग?
NIRF रैंकिंग की शुरुआत 2016 में हुई थी, जब करीब 3,500 संस्थानों ने इसमें हिस्सा लिया था। तब से हर साल यह लिस्ट जारी की जाती है, जो छात्रों और अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण गाइडलाइन का काम करती है।
पिछले साल का प्रदर्शन
2024 की रैंकिंग में ओवरऑल कैटेगरी में IIT मद्रास ने पहला स्थान हासिल किया था। दूसरे स्थान पर IISC बैंगलुरु और तीसरे पर IIT बॉम्बे था।
- मैनेजमेंट कैटेगरी में IIM अहमदाबाद
- मेडिकल कैटेगरी में एम्स दिल्ली
- इंजीनियरिंग कैटेगरी में भी IIT मद्रास ने टॉप किया था।
पांच पैरामीटर पर तय होती है रैंकिंग
संस्थानों की रैंकिंग पांच मुख्य मानकों पर तय होती है -
- टीचिंग, लर्निंग और संसाधन - 30%
- रिसर्च और प्रोफेशनल प्रैक्टिस - 30%
- आउटरीच और समावेशिता - 10%
- ग्रेजुएशन आउटकम - 20%
- धारणा - 10%
छात्रों को मिलेगा फायदा
रैंकिंग जारी होने के बाद छात्रों को सही संस्थान चुनने में आसानी होगी। यह लिस्ट शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थानों की उपलब्धियों की स्पष्ट तस्वीर सामने लाती है।
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