NEET UG 2025: 21 जुलाई से शुरू होगी ऑनलाइन काउंसलिंग, यहां देखें जरूरी डाक्यूमेंट्स की पूरी लिस्ट
NEET UG Counselling 2025: NEET UG परीक्षा में सफल होने के बाद अब देशभर के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। लाखों छात्रों का इंतजार आखिरकार खत्म होने जा रहा है, क्योंकि मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग 2025 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। काउंसलिंग प्रक्रिया न केवल मेडिकल सीटों के लिए प्रतियोगिता का सबसे अहम पड़ाव है, बल्कि यही वह चरण होता है जहां सही जानकारी और सतर्कता से ही छात्रों का भविष्य तय होता है।
ऑल इंडिया कोटे (AIQ) की काउंसिलिंग प्रक्रिया 21 जुलाई 2025 से शुरू होगी। इस बार भी काउंसलिंग पूरी तरह ऑनलाइन होगी और चार राउंड में संपन्न की जाएगी। अगर आपने नीट क्वालिफाई कर लिया है तो अब जरूरी है कि हर दस्तावेज की तैयारी पूरी रखें, क्योंकि एक छोटी सी चूक भी आपके मेडिकल करियर को रोक सकती है। तीसरे राउंड के बाद एक स्ट्रे वैकेंसी राउंड भी रखा जाएगा, ताकि बची हुई सीटों पर एडमिशन दिया जा सके।

कागजात अपलोड करते समय बरतें सावधानी
MCC ने साफ कहा है कि काउंसिलिंग के दौरान दस्तावेज अपलोड करते समय छात्र सिर्फ ओरिजिनल और साफ स्कैन की गई कॉपी ही अपलोड करें। अगर कोई फर्जी या अधूरा दस्तावेज पाया गया तो उस छात्र को काउंसिलिंग में भाग लेने से रोका जा सकता है।
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जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट
काउंसिलिंग के समय जिन दस्तावेजों की जरूरत होगी, उनमें ये शामिल हैं:
- नीट यूजी स्कोरकार्ड
- परीक्षा का एडमिट कार्ड
- 10वीं और 12वीं की मार्कशीट व सर्टिफिकेट
- पहचान पत्र (ID प्रूफ)
- पासपोर्ट साइज की 8 फोटो
- प्रोविजनल अलॉटमेंट लेटर
इन संस्थानों की सीटों पर मिलेगा एडमिशन
MCC की काउंसिलिंग के जरिए देशभर के मेडिकल कॉलेजों की कई अहम सीटों पर दाखिला मिलेगा। इनमें 15% ऑल इंडिया कोटे की सीटों के अलावा एम्स (AIIMS), जिपमर (पुडुचेरी व कराईकल), बीएचयू (BHU) और अन्य केंद्रीय संस्थानों की 100% एमबीबीएस व बीडीएस सीटें शामिल हैं।
फीस और स्टाइपेंड की जानकारी वेबसाइट पर अनिवार्य
काउंसलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने सभी सरकारी, प्राइवेट और डीम्ड यूनिवर्सिटीज को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी वेबसाइट पर कोर्स की फीस और इंटर्न, जूनियर रेजिडेंट (JR), सीनियर रेजिडेंट (SR) को मिलने वाले स्टाइपेंड की जानकारी अपलोड करें।
छिपी फीस लेने पर होगी कार्रवाई
NMC ने चेतावनी दी है कि कोई भी कॉलेज बिना अनुमति अतिरिक्त या छिपी हुई फीस नहीं ले सकता। अगर ऐसा पाया गया, तो उसे गैरकानूनी माना जाएगा। इस कदम से छात्रों के साथ धोखाधड़ी की संभावना कम होगी और उन्हें पहले से सारी जानकारी मिल सकेगी।
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