Muharram School Holiday 2026: 26 जून को मुहर्रम, किन राज्यों में बंद रहेंगे स्कूल? यहां देखें लिस्ट
Muharram School Holiday 2026: 26 जून को मुहर्रम का पर्व है और इस वजह से अधिकांश राज्यों में सरकारी और निजी स्कूल बंद हैं, जिन राज्यों में स्कूलों की छुट्टी हैं वो हैं दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल। आंध्र प्रदेश सरकार ने भी मुहर्रम अवकाश 26 जून को रखने का संशोधित आदेश जारी किया है।
चूंकि 26 जून शुक्रवार है और उसके बाद 27 जून को चौथा शनिवार और 28 जून को रविवार पड़ रहा है, इसलिए कई छात्रों को लगातार तीन दिन की छुट्टी का लाभ मिल सकता है। हालांकि अभिभावकों और छात्रों को अपने स्कूल की आधिकारिक सूचना अवश्य चेक करनी चाहिए, क्योंकि कुछ संस्थानों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जा सकता है और शनिवार को स्कूल खुले रह सकते हैं।

मुहर्रम में कहां-कहां स्कूल की छुट्टी
- उत्तर प्रदेश
- महाराष्ट्र
- दिल्ली
- तेलंगाना
- पश्चिम बंगाल
- कर्नाटक
- तमिलनाडु
- बिहार
- आंध्र प्रदेश
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- झारखंड
- जम्मू और कश्मीर
- त्रिपुरा
- मिजोरम

26 जून को यौम-ए-आशूरा
इस्लामिक चंद्र कैलेंडर के मुताबिक मुहर्रम का महीना नए साल का आगाज करता है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों में आशूरा का पर्व 25 जून को मनाया गया है इसलिए भारत और पड़ोसी देशों में आशूरा 26 जून को है।
मुहर्रम का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व
मुहर्रम वास्तव में आत्मनिरीक्षण और बलिदान को याद करने का पर्व है। इस महीने के दौरान इस्लाम के पैगंबर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों द्वारा इराक के कर्बला के मैदान में दी गई शहादत को याद किया जाता है। उन्होंने अन्याय और तानाशाही के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया था। मुहर्रम के 10वें दिन यानी आशूरा को लोग सड़कों पर ताजिए के साथ जुलूस निकालते हैं और कर्बला के शहीदों के सम्मान में मर्सिया (शोक गीत) पढ़ते हैं। इसके अलावा, समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा प्यासे लोगों को पानी और शर्बत पिलाने के लिए जगह-जगह सबील लगाई जाती हैं, जो आपसी भाईचारे और प्रेम का मानक है।

मुहर्रम 2026: प्रशासन की प्रमुख गाइडलाइंस
मुहर्रम के अवसर पर देश के अलग-अलग राज्यों में जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि नियम राज्य और जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।
- ताजिया जुलूस केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों से ही निकाला जाए।
- जुलूस के लिए पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य है।
- डीजे, लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग निर्धारित समय और ध्वनि सीमा के अनुसार किया जाए।
- किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, नारे या सोशल मीडिया पोस्ट से बचने के निर्देश जारी।
- धार्मिक स्थलों और जुलूस मार्गों पर अतिरिक्त निगरानी।
- अफवाह फैलाने वालों और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी।
- जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई मार्गों पर डायवर्जन लागू।
- आयोजकों को भीड़ नियंत्रण, साफ-सफाई और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश।
- प्रशासन ने आम जनता से शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।














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