Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

CBSE 10वीं के स्टूडेंट्स को देगा डबल चांस! नहीं हुए पास तो दोबारा दे सकते हैं बोर्ड एग्जाम, देखें पूरी डिटेल

CBSE Biannual 10th Board Exams: देश की सबसे बड़ी शिक्षा बोर्ड CBSE ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है जो लाखों छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा अनुभव को पूरी तरह बदल सकता है। अब छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तैयारी में सालभर की मेहनत को सिर्फ एक मौके पर साबित करने की जरूरत नहीं होगी।

2026 से कक्षा 10वीं के छात्र साल में दो बार बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे। इस फैसले से परीक्षा का तनाव कम होने की उम्मीद है। जिससे छात्र एक बार में अच्छा प्रदर्शन न कर पाने की स्थिति में साल गंवाने के बजाय, कुछ ही महीनों बाद दोबारा कोशिश कर सकें। यह कदम न सिर्फ छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाएगा, बल्कि पूरे मूल्यांकन सिस्टम को अधिक लचीला और छात्रों के अनुकूल बनाएगा।

CBSE Biannual Class 10 Board Exams

परीक्षा में सुधार का मौका, साल में दो बार बोर्ड परीक्षा

CBSE ने 25 जून 2025 को एक बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि साल 2026 से कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार कराई जाएंगी। इस बदलाव का मकसद परीक्षा का तनाव कम करना और छात्रों को प्रदर्शन सुधारने के लिए एक और मौका देना है।
ये भी पढ़ें: जहां से की थी शुभांशु शुक्ला ने पढ़ाई वहां एडमिशन के लिए लगती है लाइन, स्कूल की फीस जानकर हो जाएंगे दंग!

पहली परीक्षा फरवरी में, दूसरी मई में

नए सिस्टम के तहत पहली परीक्षा हर छात्र को देनी होगी, जो फरवरी के मध्य में आयोजित की जाएगी। अगर कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होता या तीन विषयों तक में फेल होता है, तो वह मई में होने वाली दूसरी परीक्षा में बैठ सकता है।

रिजल्ट और मूल्यांकन

  • पहली परीक्षा का रिजल्ट अप्रैल में आएगा।
  • दूसरी परीक्षा का रिजल्ट जून में घोषित होगा।

दोनों परीक्षाओं के लिए आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) केवल एक बार किया जाएगा, जो पहली परीक्षा से पहले ही होगा।

किन छात्रों को मिलेगा दूसरी परीक्षा में बैठने का मौका?

CBSE ने कहा है कि मई वाली परीक्षा में निम्नलिखित छात्र बैठ सकते हैं:

  • सुधार करने वाले छात्र
  • कंपार्टमेंट वाले छात्र (पहली या तीसरी बार)
  • वे छात्र जिनके विषय कंपार्टमेंट और सुधार दोनों में आते हैं

खास वर्गों को मिलेगी छूट

CBSE ने कुछ विशेष वर्गों के लिए खास नियम भी बनाए हैं:

  • खिलाड़ी जिनकी प्रतियोगिताएं परीक्षा से टकराती हैं
  • ठंड प्रभावित क्षेत्रों के छात्र (Winter-bound Schools)
  • दिव्यांग (CWSN) छात्र

इन छात्रों को जरूरत पड़ने पर मई वाली परीक्षा को ही मुख्य परीक्षा की तरह मानने की छूट दी जाएगी।

भविष्य में और भी बदलाव संभव

CBSE ने इशारा किया है कि आगे चलकर बोर्ड परीक्षा प्रणाली में और भी सुधार हो सकते हैं जैसे:

  • मॉड्यूलर एग्जाम
  • दो स्तरों पर परीक्षा (Dual Level)
  • ऑब्जेक्टिव और डिस्क्रिप्टिव का मिश्रण

फोकस अब लर्निंग पर, न कि सिर्फ एग्जाम पर

CBSE का कहना है कि यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की सिफारिशों के अनुसार किया गया है। इसका मकसद छात्रों को लचीला और अनुकूल मूल्यांकन देना है, जिससे वे सीखने पर ध्यान केंद्रित कर सकें और एक गलती से उनका पूरा साल बर्बाद न हो।

12वीं के लिए भी हो सकता है बदलाव

हालांकि अभी केवल कक्षा 10 के लिए यह नीति लागू की जा रही है। CBSE ने संकेत दिया है कि भविष्य में कक्षा 12 के लिए भी इसी तरह की व्यवस्था की जा सकती है।

छात्रों को मिलेगी दोहरी सुविधा

अब छात्रों को साल में दो मौके मिलेंगे और इसके साथ ही उन्हें अपनी मेहनत को बेहतर ढंग से दिखाने का भी एक और अवसर मिलेगा। यह कदम बोर्ड परीक्षा की "हाई स्टेक" छवि को बदलने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
ये भी पढ़ें: UGC NET Guidelines: 25 जून से शुरू होगी परीक्षा, इन डाक्यूमेंट्स के बिना नहीं मिलेगा एंट्री, पढ़ें गाइडलाइन

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+