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CBSE New Guidelines: प्रैक्टिकल परीक्षा में बड़ा बदलाव, 10वीं–12वीं छात्रों के लिए CBSE ने जारी किए नए SOPs

CBSE के बोर्ड्स एग्जाम में अब कुछ ही महीने बाकी हैं। इस बार CBSE ने 10वीं और 12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम को लेकर ऐसा कदम उठाया है, जिसने लाखों छात्रों और स्कूलों की जिम्मेदारी अचानक बढ़ा दी है। हर साल प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट होते हैं, लेकिन अलग-अलग स्कूलों में अलग तरीके अपनाने की वजह से कई बार पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठते थे। इसी समस्या को खत्म करने के लिए बोर्ड ने इस बार बिल्कुल नई गाइडलाइन और SOPs जारी किए हैं।

नए गाइडलाइन और SOPs को पूरे देश में एक साथ लागू किया जाएगा। नए नियम सिर्फ स्कूलों को ही नहीं, बल्कि छात्रों और परीक्षकों को भी अधिक सतर्क, जिम्मेदार और समय पर तैयार रहने की जरूरत पैदा करते हैं। बोर्ड की मानें तो इस बार छोटी सी गलती भी बड़ी परेशानी बन सकती है, क्योंकि सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी और सख्त बनाया गया है।

CBSE New Guidelines

मार्क्स अपलोड में सख्ती, गलती की गुंजाइश नहीं

CBSE ने सभी स्कूलों को आदेश दिया है कि प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के अंक वेब पोर्टल पर बिल्कुल ध्यान से अपलोड किए जाएं। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि एक बार मार्क्स अपलोड होने के बाद उन्हें बदला नहीं जा सकेगा। इसी वजह से पूरी प्रक्रिया सावधानी से करनी होगी।

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इस साल प्रैक्टिकल आंसर बुक में नया फीचर जोड़ा गया है। अब इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों परीक्षकों को लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी कि उन्होंने पूरे डेटा को सही तरीके से जांच कर अपलोड किया है। इससे गड़बड़ी की संभावना कम होगी और प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी।

प्रैक्टिकल की तारीखें तय

CBSE ने प्रैक्टिकल्स का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है।

  • सामान्य स्कूलों में प्रैक्टिकल: 1 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026
  • विंटर-बाउंड स्कूलों में: 6 नवंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025

स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे समय पर पूरी तैयारी कर लें और सभी काम तय समयसीमा में पूरा करें।

रेगुलर छात्रों के लिए जरूरी नियम

प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट सिर्फ उन्हीं छात्रों के लिए होंगे जिनके नाम स्कूल ने LOC के जरिए बोर्ड को भेजे हैं। यदि किसी छात्र का नाम बोर्ड की सूची में नहीं है, तो स्कूल को तुरंत क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करना होगा। स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि परीक्षा में वही छात्र उपस्थित हो जिसका नाम बोर्ड को भेजा गया है। किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर कड़ी कार्रवाई संभव है।

प्राइवेट उम्मीदवारों के लिए नई व्यवस्था

CBSE ने प्राइवेट छात्रों के लिए भी साफ नियम तय किए हैं। उनके प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट के मार्क्स बोर्ड की नीति के मुताबिक ही दिए जाएंगे। अगर किसी कारण उन्हें दोबारा प्रैक्टिकल देना पड़े, तो यह भी बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार ही होगा। स्कूलों को कहा गया है कि वे प्राइवेट छात्रों को पूरी जानकारी स्पष्ट रूप से समझाएं।

बोर्ड ने क्यों किए बदलाव?

हर साल लाखों छात्रों के प्रैक्टिकल होते हैं और कई बार अलग-अलग स्कूलों की प्रक्रिया में अंतर के कारण शिकायतें सामने आती थीं। इसी कारण बोर्ड ने नए SOPs लागू किए हैं, ताकि पूरे देश में एक जैसी, पारदर्शी और समय पर परीक्षा प्रक्रिया चल सके।

छात्रों के लिए क्या बदलने वाला है?

अब प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट ज्यादा सख्त और समयबद्ध होंगे। मार्क्स अपलोडिंग में गलती की संभावना बेहद कम रहेगी। छात्रों को अपने प्रैक्टिकल समय पर देने होंगे, तारीख बढ़ने की उम्मीद नहीं होगी। इसके अलावा, इंटरनल और एक्सटर्नल दोनों परीक्षकों की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा बढ़ गई है।

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