बलरामपुर ,दंतेवाड़ा बढ़ाई जाएगी चावल और गेहूं की उत्पादकता, कृषि विभाग चलाएगा विशेष कार्यक्रम
CHHATTISGARH: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर और दंतेवाड़ा में गेहूं और चावल के उत्पादन को बढ़ावा करने के लिए 5 सालों के लिए विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा इस कार्यक्रम के लिए 31.404 करोड़ रूपए की सहायता दी जाएगी। इस कार्यक्रम में चावल और गेहूं के उत्पादन के साथ-साथ डिजिटल एग्रीकल्चर को भी बढ़ावा किया जाएगा।

शुक्रवार को नया रायपुर स्थित कृषि विभाग और संयुक्त राष्ट्र संघ के खाद्य एवं कृषि संगठन के मध्य एमओयू हुआ। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि ताकायूकी हाजीवारा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
कमलप्रीत सिंह ने छत्तीसगढ़ से नॉन बासमती धान के निर्यात, कॉफी और चाय उत्पादन की अपार संभावनाओं, राज्य के कृषकों को कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन और मछलीपालन हेतु शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसल ऋण उपलब्ध कराने, सामान्य धान के स्थान पर सुगंधित धान, अन्य फसल लेनेे वाले किसानों को अतिरिक्त आदान सहायता राशि मुहैया कराने की जानकारी संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि को दी।
छत्तीसगढ़ शासन के अफसरों ने संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि को राज्य में मिलेट फसलों जैसे कोदो-कुटकी, रागी के उत्पादन, रकबे में बढ़ोत्तरी के लिए संचालित मिलेट मिशन समेत गोधन न्याय योजना के माध्यम से जैविक खेती को बढ़ावा देने के के अभिनव प्रयासों से अवगत कराया। इसके अलावा राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (रीपा) के जरिये से लघु उद्योगों को बढ़ावा देने की जानकारी भी दी।
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