Maharashtra Weather: 12 जिलों में Rain Alert लेकिन Mumbai में बरसा पानी, क्या है मानसून का ताजा अपडेट?
Maharashtra Weather: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान बिजली कड़कने, तेज़ हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफ़ान आने की संभावना है। IMD ने विदर्भ और मराठवाड़ा के कई ज़िलों के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी की है, जबकि राज्य के कई हिस्सों में अभी भी लू जैसी स्थिति बनी हुई है।
विदर्भ के ज़िलों में आंधी-तूफ़ान और ओलावृष्टि का अलर्ट
अकोला, अमरावती, भंडारा, बुलढाणा, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, गोंदिया, नागपुर, वर्धा, वाशिम और यवतमाल जैसे ज़िलों में आंधी-तूफ़ान आने की संभावना है। इसके साथ ही, कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएं चलने का भी अनुमान है तो वहीं उमस से बुरी तरह से जूझ रहे मुंबई में कुछ हिस्सों में आज बारिश हुई, जो मॉनसून-पूर्व मौसम की शुरुआत का संकेत है।

शनिवार को सांताक्रूज़ में अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस और कोलाबा में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहर में न्यूनतम तापमान 28-29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा और आज भी यहां पर कोई राहत मिलने की संभावना नहीं है, फिलहाल बारिश होने से फौरी तौर पर लोगों को राहत मिली है।
कब आएगा मानसून? क्या है IMD का अपडेट?
देशभर में लोग दक्षिण-पश्चिम मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार मानसून की चाल थोड़ी सुस्त नजर आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र में मानसून की शुरुआत में हल्की देरी की संभावना जताई है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मानसून के सक्रिय होते ही कोंकण और तटीय महाराष्ट्र के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है।
महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल में होगी झमाझम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल के तटीय क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान तेज बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
महाराष्ट्र में मानसून आने में क्यों हो रही है देरी?
आमतौर पर मानसून जून के पहले सप्ताह तक महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में पहुंच जाता है, लेकिन इस बार वायुमंडलीय परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल नहीं बनी हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर में हवाओं की गति और दबाव प्रणाली में बदलाव के कारण मानसून की प्रगति कुछ दिनों के लिए धीमी पड़ सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह देरी बहुत लंबी नहीं होगी और जून के पहले पखवाड़े में मानसून राज्य के अधिकांश हिस्सों को कवर कर सकता है।
कोंकण और तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का खतरा
आईएमडी ने कोंकण, मुंबई महानगर क्षेत्र, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इन इलाकों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने और मौसम खराब रहने की आशंका है। प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।














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