• search
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    इस तरीके से पहनेंगे रत्न, तो होगा फायदा ही फायदा

    By Pt. Gajendra Sharma
    |

    नई दिल्ली। अक्सर आपने लोगों से कहते सुना होगा कि फलां रत्न धारण करने के बाद भी कोई लाभ होता नहीं दिख रहा, या रत्न धारण करने के बाद सबकुछ और भी ज्यादा उल्टा-पुल्टा हो गया, या कहीं गलत रत्न तो धारण नहीं कर लिया। दरअसल सभी रत्न अपना-अपना काम करते हैं और मानव पर अपना प्रभाव डालते हैं लेकिन ऐसा क्यों होता है कि कुछ लोगों पर वे रत्न सकारात्मक असर नहीं डाल पाते। इसका कारण है रत्नों को सही तरीके से धारण नहीं करना।

    नवग्रहों का एक-एक रत्न निर्धारित है

    नवग्रहों का एक-एक रत्न निर्धारित है

    वैदिक ज्योतिष में नवग्रहों का एक-एक रत्न निर्धारित है और उनके उपरत्न भी होते हैं। दरअसल पहनने के बाद भी रत्न अपना असर इसलिए नहीं दिखा पाते क्योंकि उन्हें सही विधि से धारण्ा नहीं किया जाता। आइए आज जानते हैं रत्नों को धारण करने से पहले कौन-कौन सी बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए। धारण करने से पहले क्या सावधानियां रखें और धारण करने के बाद किन बातों का ध्यान रखें।

    यह पढ़ें:Hindu Calendar 2018: जानिए दिसंबर माह के त्योहार और व्रत की तिथियां

    किस दिन धारण करें

    किस दिन धारण करें

    नवग्रहों के रत्नों को धारण करने का एक निश्चित दिन तय है। संबंधित ग्रह के रत्न को उसके निर्धारित दिन ही धारण किया जाना चाहिए, तभी वह पूर्ण फलीभूत होता है। जैसे

    • सूर्य के रत्न माणिक्य को रविवार के दिन
    • चंद्र के रत्न मोती को सोमवार के दिन
    • मंगल के रत्न मूंगा को मंगलवार के दिन
    • बुध के रत्न पन्ना को बुधवार के दिन
    • गुरु के रत्न पुखराज को गुरुवार के दिन
    • शुक्र के रत्न हीरा को शुक्रवार के दिन
    • शनि के रत्न नीलम को शनिवार के दिन
    • राहु के रत्न गोमेद को शनिवार के दिन
    • केतु के रत्न लहसुनिया को शनिवार के दिन
    किस अंगुली में पहनें

    किस अंगुली में पहनें

    • गुरु के रत्न पुखराज को तर्जनी अंगुली में
    • शनि, राहु, केतु के रत्न क्रमश: नीलम, गोमेद, लहसुनिया को मध्यमा अंगुली में
    • सूर्य, मंगल, शुक्र के रत्न क्रमश: माणिक्य, मूंगा, हीरा को अनामिका अंगुली में
    • चंद्र और बुध के रत्न क्रमश: मोती और पन्न्ा को कनिष्ठिका अंगुली में धारण किया जाता है।
    • शुक्र के रत्न हीरे को कुछ ज्योतिषी मध्यमा अंगुली में भी धारण करवाते हैं। यह शुक्र की स्थिति देखकर तय किया जाता है।

    अंगूठी में कैसे लगवाएं रत्न

    किसी रत्न से ज्योतिषीय लाभ लेने के लिए उसे अंगूठी में जड़वाते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना पड़ता है। अंगूठी में रत्न इस तरह लगे कि अंगूठी नीचे की ओर से खुली रहे ताकि रत्न में से होकर गुजरने वाली सूर्य की रोशनी उससे पार होते हुए धारण करने वाले के शरीर में प्रवेश कर सके। साथ ही रत्न इस तरह अंगूठी में जड़वाएं कि वह पहनने वाले की अंगुली को नीचे से हल्का सा स्पर्श करता रहे। इससे संबंधित रत्न की ऊर्जा पहनने वाले के शरीर में प्रवेश करती है।

    कैसे करें शुद्धिकरण

    कैसे करें शुद्धिकरण

    रत्न की अंगूठी बन जाने के बाद उसका शुद्धिकरण और प्राण प्रतिष्ठा करना जरूरी रहता है। इसके लिए जिस दिन रत्न पहनने का दिन हो उससे 24 घंटे पहले उसे गंगाजल या कच्चे दूध में डालकर रख देना चाहिए। जिस दिन पहनना हो उस दिन इसे निकालकर शुद्ध जल से धोकर विधिवत पूजन कर प्राण प्रतिष्ठा की जाती है। (प्राण प्रतिष्ठा की विस्तृत विधि किसी भी कर्मकांड की पुस्तक में मिल जाएगी।)। इसके बाद संबंधित ग्रह के मंत्र की एक माला जाप करके इसे धारण किया जाता है। रत्न धारण करने के बाद सप्ताह में एक बार गंगाजल से इसका शुद्धिकरण अवश्य करें। संबंधित ग्रह के मंत्र की एक माला जाप भी करें।

    यह भी पढ़ें: धोखेबाज होते हैं ऐसे लड़का-लड़की इसलिए रहें जरा बचकर

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    In Simple terms a Jyotish Gemstone or an Astrological Gemstone is a Gem recommended on basis of sacred Astrological principles of Jyotisha to bring in dawn of fame and fortune and accomplishment of desires. But not every Gem is a Jyotish Gemstone.
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more