यह स्टोन पहनेंगे तो नहीं होगा बढ़ती उम्र का असर, हमेशा बने रहेंगे जवान
नई दिल्ली। रत्नों की दुनिया भी बड़ी अजीब और चमत्कारिक है। सैकड़ों हजारों रत्नों के इस सागर में कई रत्न या स्टोन ऐसे हैं जो मनुष्य पर उसकी बढ़ती उम्र का बिलकुल भी असर नहीं होने देते हैं। ऐसा ही एक स्टोन है कॉपर रूटाइल क्वार्ट्ज। कॉपर रूटाइल को दुर्लभ स्टोन की श्रेणी में रखा गया है। यह कजाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, मेडागास्कर, नॉर्वे, दक्षिण अमेरिका जैसे स्थानों पर पाया जाता है लेकिन वहां भी बहुत कम मात्रा में यह उपलब्ध हो पाता है। इसे कॉपर हेयर रूटाइल भी कहते हैं क्योंकि इस पारदर्शी स्टोन में तांबे के बारीक-बारीक तारों जैसे आड़ी-तिरछी रेखाएं होती हैं जो बाल के समान पतली दिखाई देती है।

हमेशा बने रहेंगे युवा
कॉपर रूटाइल क्वार्ट्ज पहनने के अनेक फायदे हैं। सबसे पहला और बड़ा लाभ तो यह है कि इसे जो भी मनुष्य धारण करता है उस पर बढ़ती उम्र का प्रभाव बिलकुल भी दिखाई नहीं देता है। इसे धारण करने वाले व्यक्ति की त्वचा पर झुर्रिया नहीं आती, बाल सफेद नहीं होते और चेहरे पर एक चमक बनी रहती है। इससे आंखों के नीचे के काले घेरे समाप्त हो जाते हैं और 60 साल का व्यक्ति भी युवाओं की तरह नजर आता है। इसे पहनने से त्वचा एकदम कसी हुई और चमकदार रहती है। यदि इस स्टोन को युवावस्था में ही धारण कर लिया जाए तो इसके लाभ अधिक दिखाई देते हैं।

सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी
कॉपर रूटाइल क्वार्ट्स धारण करने वाले के मन-मस्तिष्क में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। उसके विचारों में ऐसी उर्वरता आ जाती है कि वह जो सोचता है सही दिशा में ही सोचता है। उसके निर्णय कभी गलत नहीं होते। इसे पहनने से व्यक्ति में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। उसका मस्तिष्क रचनात्मक बनता है। यह शरीर की सारी नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। इससे व्यक्ति को ऊर्जा का एक अलग ही स्तर महसूस होता है। क्रिएटिव फील्ड जैसे लेखन, फिल्म मेकिंग, फैशन डिजाइनिंग, ज्वेलरी डिजाइनिंग और कला-संस्कृति से जुड़े लोगों को कॉपर रूटाइल क्वार्ट्ज के मोतियों की माला जरूर धारण करना चाहिए। इस स्टोन को पहनने से स्त्री-पुरुषों के जननांगों में नई ताकत आती है। यह रिप्रोडक्टिव सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह व्यक्ति के छुपे हुए टैलेंट को बाहर लाकर आत्मविश्वास दृढ़ करता है।

कौन पहन सकता है
इस स्टोन को कोई भी व्यक्ति धारण कर सकता है। पाश्चात्य ज्योतिष के अनुसार 22 जुलाई से 21 अगस्त के बीच जिनका जन्म हुआ है उन्हें इसे विशेषतौर पर पहनना चाहिए। इसे अंगूठी, पेंडेंट, ब्रेसलेट और माला के रूप में पहना जा सकता है। हालांकि सबसे ज्यादा प्रभाव कंठ और हृदय के पास माला के रूप में पहनने से होता है। यह स्टोन मूलाधार से सहस्त्रार तक सातों चक्रों में संबंध स्थापित करके उन्हें बैलेंस करता है, इसलिए इसे पहनने से अनेक शारीरिक परेशानियां स्वत: ही दूर हो जाती है।












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