Surya Grahan 2025: सच में सूर्य ग्रहण है गर्भवती महिलाओं के लिए घातक? क्या होने वाले बच्चे का कट जाता है कान?
Surya Grahan and Pregnant Women do-dont: साल का पहला सूर्य ग्रहण आज लगा है, इंडियन टाइम के मुताबिक आज दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक सूर्यग्रहण रहेगा, हालांकि ये हमारे देश में प्रभावी नहीं है इसलिए इसका सूतक काल नहीं लगा है।
सू्र्य ग्रहण एक खगोलीय घटना है लेकिन वैदिक धर्म में इसे अच्छा नहीं माना जाता है क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि ग्रहों का परिवर्तन अच्छा सूचक नहीं है, पृथ्वी और चंद्रमा की पोजिशन में अंतर अशुभ होता है इसी वजह से ग्रहणकाल में मांगलिक या शुभ काम नहीं होते हैं।

गर्भवती महिलाएं सबसे ज्यादा भयभीत (Surya Grahan)
सबसे ज्यादा गर्भवती महिलाएं ग्रहण में भयभीत रहती हैं, माना जाता है कि ग्रहण का बुरा असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है, इस दौरान गर्भवती महिला को कैंची और चाकू का प्रयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से बच्चा फटे हुए कान-नाक को लेकर पैदा होता है, हालांकि आज तक ऐसा कोई भी उदाहरण सामने नहीं आया और ना ही इसका कोई वैज्ञानिक प्रूफ है।
ग्रहणकाल के दौरान ब्रह्मांड में बहुत सारी गर्मी होती है (Surya Grahan)
लेकिन एक बात विज्ञान भी कहता है जिसका संबंध गर्भवती महिलाओं से है। दरअसल ग्रहणकाल के दौरान ब्रह्मांड में बहुत सारी गर्मी होती है, जिसका असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ता है, इसी वजह से प्रेग्नेंट महिलाओं से ग्रहणकाल में घर से बाहर निकलने को मना किया जाता है और उन्हें भारी काम जैसे सिलाई, बुनाई, खाना पकाने से रोका जाता है क्योंकि इन सारे कामों में ऊर्जा का हनन होता है और महिलाओं के अंदर गर्मी बढ़ती है।
गर्भवती महिलाओं का अत्य़धिक काम करने से रोका जाता है
ग्रहण के वक्त वैसे ही हमारा ब्रह्मांड गर्म होता है, ऐसे में गर्भवती महिलाओं का अत्यधिक काम उनके अंदर थकान पैदा करता है, यही वजह है कि ग्रहण के वक्त, हर गर्भवती स्त्री को काम करने से रोका जाता है।
क्या ग्रहण के वक्त गर्भवती महिलाएं भूखी रहें? (Surya Grahan)
एक सवाल और लोगों के मन में होता है कि ग्रहण के वक्त भोजन नहीं करना चाहिए लेकिन प्रेग्नेंट महिलाएं तो लंबे वक्त तक खाली पेट नहीं रह सकती हैं तो ऐसे में वो क्या करें ? तो उन्हें सलाह दी जाती है कि वो ग्रहणकाल के दौरान खुद को हाइड्रेट करने वाले फल, जूस का सेवन करें, अत्यधिक पानी पिएं और मसालेदार गरिष्ठ भोजन से दूर रहें, ये उनके और उनके होने वाले बच्चे के लिए काफी अच्छा साबित होगा।
निंद्रा से दूर रहें और प्रभु का ध्यान करें (Surya Grahan)
कोशिश करें कि वो इस वक्त निंद्रा से भी दूर रहें और प्रभु का ध्यान करें। इस दौरान गायत्री मंत्र और भगवत गीता के श्लोकों का पाठ करना शुभ माना जाता है। इनका पाठ करने से मानसिक तनाव कम होता है जो मां-बच्चे दोनों के लिए अच्छा होता है।
निम्नलिखित मंत्रों का करें जाप करने से मन शांत होता है (Surya Grahan)
- "ॐ देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते. देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गत:"
- "रक्ष रक्ष गणाध्यक्षः रक्ष त्रैलोक्य नायकः। भक्त नाभयं कर्ता त्राताभव भवार्णवात्"
- "ओम त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टि-वर्धनम।"
DISCLAIMER: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। वनइंडिया लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।












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