Solar eclipse 2019: साल का पहला सूर्यग्रहण 5 - 6 जनवरी को, जानिए भारत पर क्या होगा असर

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    Surya Grahan 2019 : साल का पहला सूर्य ग्रहण जानें कब और कहाँ कहाँ | Solar Eclipse | वनइंडिया हिंदी

    नई दिल्ली। पौष कृष्ण अमावस्या शनिवार दिनांक 5 जनवरी की देर रात साल 2019 का पहला सूर्यग्रहण लगने वाला है। यह खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा जो भारत में दिखाई नहीं देगा, लेकिन सभी को प्रभावित तो जरूर करेगा। भारतीय समयानुसार सूर्यग्रहण का सूतक 5 जनवरी की रात्रि में ही प्रारंभ हो जाएगा और इसका स्पर्श 6 जनवरी को सूर्योदय से पूर्व 5.04 बजे प्रारंभ हो जाएगा और मोक्ष प्रातः 9.18 बजे होगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई भले ही ना दे लेकिन इस दिन शनैश्चरी अमावस्या होने से दान-धर्म का महत्व कई गुना अधिक रहेगा।

     खंडग्रास सूर्यग्रहण

    खंडग्रास सूर्यग्रहण

    यह खंडग्रास सूर्यग्रहण उत्तर-पूर्वी एशिया और उत्तरी पैसिफिक देशों में आंशिक रूप से दिखाई देगा। जापान, कोरिया, मंगोलिया, ताइवान और रूस तथा चीन के पूर्वी छोर के अलावा अमेरिका के पश्चिमी हिस्से में भी यह ग्रहण दिखाई देगा। बीजिंग में सूर्य का 20 फीसदी हिस्सा, टोकियो में 30 फीसदी सूर्य का हिस्सा कटा नजर आएगा।

    भारत में नहीं लगेगा सूतक

    भारत में नहीं लगेगा सूतक

    यह ग्रहण वृश्चिक लग्न, धनु राशि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में होगा। हालांकि भारत में दिखाई नहीं देने के कारण इसका सूतक आदि नहीं माना जाएगा। लेकिन चूंकि आकाश मंडल में उपस्थित प्रत्येक ग्रह का प्रभाव पृथ्वी पर होता है इसलिए प्रकृति, पर्यावरण, वायुमंडल पर इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा। वृश्चिक लग्न और धनु राशि में होने के कारण इन दोनों राशि वालों पर ग्रहण का अशुभ प्रभाव हो सकता है। इसलिए भगवान शिव और हनुमान की आराधना करें। वैसे समस्त राशि वालों को ग्रहण के दौरान अपने ईष्ट देव या देवी के मंत्रों का जाप करना चाहिए।

    पृथ्वी पर ग्रहण का प्रभाव

    पृथ्वी पर ग्रहण का प्रभाव

    सूर्यग्रहण के प्रभाव से प्राकृतिक आपदाएं आने का अंदेशा रहेगा। पृथ्वी के किसी भूभाग में बहुत सर्दी, भीषण बर्फबारी होगी, तो कहीं आंधी, तूफान, समुद्र में भूकंप जैसी आपदा हो सकती है। अत्यधिक सर्दी के कारण फसलों के चौपट होने जैसी स्थिति भी बनेगी। राजनीतिक उठापटक होगी। खासकर अमेरिका, कोरिया, रूस जैसे देशों में बड़ी प्राकृतिक आपदाएं और बड़े राजनीतिक घटनाक्रम होंगे।

    शनैश्चरी अमावस्या

    शनैश्चरी अमावस्या

    5 जनवरी को पौष कृष्ण अमावस्या शनिवार को आने के कारण यह शनैश्चरी अमावस्या कहलाएगी। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने का बड़ा महत्व है। वर्तमान में मलमास होने के कारण भी इस अमावस्या का महत्व अधिक है। इस दिन गरीबों को अन्नदान, गायों को चारा खिलाने और कुत्तों को रोटी खिलाने का महत्व है। इनसे व्यक्ति के पुण्यकर्मों में वृद्धि होती है।

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